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दलित युवक लखबीर सिंह की हत्या के बाद संयुक्त किसान मोर्चा के बचाव में कूदा India Today, ‘सोर्स’ के नाम पर नया ‘भ्रमजाल’

इंडिया टुडे ने इसे 'सूत्रों' का नाम देते हुए अपने ताजा रिपोर्ट में दावा किया है कि संयुक्त किसान मोर्चा ने कथित तौर पर कई मौकों पर हरियाणा और दिल्ली पुलिस को विरोध स्थल पर इस 'सशस्त्र समूह' की मौजूदगी के बारे में शिकायत की थी।

संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के नेता प्रदर्शन स्थल पर हुए दलित युवक की हत्या से खुद को अलग कर रहे हैं और इसके लिए व मीडिया प्लेटफॉर्म की तलाश में हैं। इस बीच इंडिया टुडे ग्रुप अब उनके बचाव में सामने आया है। .

इंडिया टुडे ने इसे ‘सूत्रों’ का नाम देते हुए अपने ताजा रिपोर्ट में दावा किया है कि संयुक्त किसान मोर्चा ने कथित तौर पर कई मौकों पर हरियाणा और दिल्ली पुलिस को विरोध स्थल पर इस ‘सशस्त्र समूह’ की मौजूदगी के बारे में शिकायत की थी।

एसकेएम के एक सूत्र ने कहा, “एसकेएम ने पुलिस को यह भी बताया था कि निहंग मोर्चा का हिस्सा नहीं थे और उन्होंने निहंगों से भी विरोध स्थलों को खाली करने और वहाँ से सिखों के पवित्र ग्रंथों को हटाने की अपील की थी।”

संतुलन बनाने की कोशिश करते हुए एसकेएम ने एक बयान में यह भी कहा कि मोर्चा किसी भी धार्मिक पाठ या प्रतीक की बेअदबी के खिलाफ है। उन्होंने खुद को इस भीषण हत्या से अलग करते हुए कहा, “हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि इस घटना के दोनों पक्षों, निहंग समूह और मृतक का एसकेएम से कोई संबंध नहीं है।” 

‘आदमी ने स्वीकार किया कि उसे किसी ने भेजा था’: SKM का दावा

वहीं निहंग सिख समुदाय को निराश न करने की कोशिश में संयुक्त किसान मोर्चा के जगजीत सिंह दल्लेवाल ने अपने ताजा बयान में यह कहा, “जब हम मौके पर पहुँचे तो कुछ लोग कह रहे थे कि मृतक व्यक्ति ने मरने से पहले स्वीकार किया था कि उसे किसी ने भेजा था और 30,000 रुपए दिए थे।”

हालाँकि, उन्होंने साथ ही स्पष्ट किया कि उनके पास मृतक युुवक के कथित कबूलनामे का कोई वीडियो सबूत नहीं है। विडंबना यह है कि पीड़ित को निहंगों द्वारा उसके व्यक्तिगत विवरण के बारे में पूछताछ करते हुए वीडियो रिकॉर्ड किया गया था, जब वह बेरहमी से की गई पिटाई के बाद आखिरी कुछ साँसों के लिए हाँफ रहा था और उसका हाथ काट दिया गया था।

उल्लेखनीय है कि सिंघु सीमा पर एसकेएम धरना स्थल पर नृशंस हत्या कर दी गई। किसान मोर्चा धरना स्थल के मुख्य मंच के पास पीड़ित को उसके कटे हुए अंग के साथ लटका दिया गया था।

राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने माँगी रिपोर्ट

इस बीच, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष विजय सांपला ने हरियाणा के पुलिस महानिदेशक से दलित व्यक्ति की हत्या पर 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट माँगी है। सांपला ने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से इस मामले में दोषियों के खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई करने का भी आग्रह किया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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