Homeरिपोर्टमीडियाउम्र या धूर्तता? 30 अप्रैल को कही बात से 1 मई को पलट गए!...

उम्र या धूर्तता? 30 अप्रैल को कही बात से 1 मई को पलट गए! वो रवीश है, वो कुछ भी कर सकता है!

इससे पहले रवीश कुमार ने कोरोना वायरस मामले में चीन को क्लीनचिट दे दी थी। दिल्ली दंगों के दौरान पुलिस पर फायरिंग करने वाले शाहरुख को अपने प्राइम टाइम में अनुराग मिश्रा बता दिया था।

मजूदरों को अपने गृह राज्यों में पहुँचाने के लिए मोदी सरकार ने ट्रेनें चलाने का फ़ैसला लिया, जिससे एनडीटीवी के रवीश कुमार भड़क गए हैं। टेलीविजन न्यूज़ की दुनिया में रवीश कुमार अपने दोहरे रवैए के लिए जाने जाते हैं। वो अपनी बात को साबित करने के लिए जो तर्क देते हैं, अगली बार दूसरी बात को साबित करने के लिए उससे ही पलट जाते हैं। उनके इस इतिहास को देखते हुए जनता ने उन पर से अपना विश्वास खो दिया है।

रवीश ने पहले क्या कहा था?

रवीश कुमार ने पहले कहा था कि अगर सरकार ट्रेनें चला देती तो अच्छा रहता। ऐसा उन्होंने तब कहा था, जब लॉकडाउन 2.0 ख़त्म होने की ओर था और जो जहाँ हैं, उन्हें वहीं रहने की सलाह दी गई थी। रवीश ने तब कहा था कि एक ट्रेन में बस की तुलना में ज्यादा लोग आवागमन कर सकते हैं और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराना भी ट्रेनों में आसान रहता। उन्होंने दावा किया था कि इससे ज्यादा लोगों को एक बार में पहुँचाया जा सकता था।

बकौल रवीश, कुछ मुख्यमंत्रियों ने इसकी माँग भी की थी लेकिन केंद्र सरकार ने अनसुनी कर दी। ऐसा रवीश कुमार ने अप्रैल 30, 2020 को कहा था। तब वो मजदूरों के बड़े हितैषी बन रहे थे और मोदी सरकार ओर तरह-तरह के आरोप लगा रहे थे। अब जब मोदी सरकार ने मजदूरों को ‘श्रमिक एक्सप्रेस’ के जरिए सारे नियमों का पालन करते हुए वापस भेजने का फ़ैसला लाया है, तो रवीश का टोन बदल गया है। ‘पॉलिटिकल कीड़ा’ के इस वीडियो में आप रवीश का दोहरा रवैया देख सकते हैं:

अपने ही बयान से पलटे रवीश कुमार

अब रवीश ने कहा है कि आखिरकार सरकार ने मजदूरों के लिए ट्रेनें चलाने की अनुमति दे ही दी। उन्होंने कहा कि इससे प्रतीत होता है कि तालाबंदी की प्रक्रिया और लम्बी खिंचेगी। उन्होंने कहा कि जब सरकार महीना भर से ज्यादा गुजर जाने के बाद मजदूरों को वापस पहुँचाने का फ़ैसला कर रही है तो क्या जब कारखाने और उद्योग-धंधे खुलेंगे तो इन मजदूरों को वापस लाने की व्यवस्था की जाएगी, वो भी पूरी रियायत के साथ?

यानी, पहले जब ट्रेनें नहीं चली थीं तो वो ग़लत। ट्रेनें चल रही हैं तो रवीश ने नया मुद्दा उठा कर लाया है कि वो जाएँगे तो वापस कब और कैसे आएँगे? यानी, अगर कुछ अच्छा हो रहा है तो भविष्य की बात कर के खोट निकालो। रवीश कुमार का दूसरा वीडियो भी तभी का है, जब लॉकडाउन 2.0 का अंतिम फेज चल रहा था, यानी पहले वाले वीडियो के ठीक 1 दिन बाद का। यानी, 1 दिन में अगर कोई पलट जाए तो उसे रवीश कुमार ही कह सकते हैं।

इससे पहले रवीश कुमार ने कोरोना वायरस मामले में चीन को क्लीनचिट दे दी थी। जिस वायरस को लेकर आज सारा विश्व चीन पर ऊँगली उठा रहा है, उस वायरस पर रवीश कुमार चीन को क्लीनचिट भी दे रहे हैं और कुछ विजुअल्स भी दिखा रहे की देखिए सब कुछ सामान्य है यहाँ। दिल्ली दंगों के दौरान भी रवीश ने पुलिस पर फायरिंग करने वाले शाहरुख को अपने प्राइम टाइम में अनुराग मिश्रा बता दिया था। 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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