Sunday, July 25, 2021
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‘मुगल राजपूत माताओं की संतान थे, योगी सरकार हीन भावना की शिकार’ – छत्रपति शिवाजी म्यूजियम के बाद सागरिका घोष

"अकबर महान था। वह एक सच्चा धर्म-निरपेक्ष शासक था। हर दिन गंगा जल का सेवन भी करता था। मुग़ल शासक राजपूत माताओं की संतान थे।" - सागरिका घोष ने ट्विटर पर विलाप करते हुए...

देश के पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की स्वघोषित ‘फैनगर्ल’ सागरिका घोष ने एक बार फिर अपनी वफ़ादारी साबित की है। इस बार नेहरू के लिए नहीं बल्कि अकबर सहित अन्य मुग़ल शासकों के लिए। हाल ही में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऐलान किया कि आगरा स्थित मुग़ल संग्रहालय का नाम छत्रपति शिवाजी के नाम पर रखा जाएगा। इस बात से आहत होकर सागरिका घोष ने ट्विटर पर विलाप शुरू कर दिया।

सागरिका घोष ने दावा किया कि मुग़ल शासक राजपूत माताओं की संतान थे। इतना ही नहीं, मुग़ल शासन काल भारतीय इतिहास का ऐसा दौर था जब समानता को अहमियत दी जाती थी। घोष के मुताबिक़ मुग़ल संग्रहालय का नाम बदलना हिंदूवादी नेताओं की इतिहास को लेकर निराशावादी समझ का नतीजा है। उनके मुताबिक़ सरकार ने हीन भावना का शिकार होकर यह निर्णय लिया है। 

इसके कुछ ही समय बाद सागरिका घोष ने अकबर की महानता को याद करते हुए लिखा कि वह एक सच्चा धर्म निरपेक्ष शासक था। वह हर दिन गंगा जल का सेवन भी करता था।

इस मामले में हैरानी की बात यह है कि अकबर के दो आवास (महल) दिल्ली और आगरा में स्थित थे, जो यमुना नदी के तट पर मौजूद हैं, न कि गंगा के। इसके बाद सागरिका ने कहा कि अकबर प्रशासनिक सुधारों को लेकर भी सफल शासक था। 

इसके बाद सागरिका घोष ने इस बात की इच्छा जताई कि नेटफ्लिक्स को मुग़ल शासकों की महानता पर एक वेब सीरीज़ बनानी चाहिए।

इसके बाद सागरिका घोष ने एक बीबीसी डॉक्यूमेंटरी का लिंक साझा किया। इसमें उन परिवार के शासकों का ज़िक्र है, जिन्होंने भारत पर लगभग 200 साल तक राज किया। 

सागरिका घोष ने इसके बाद भी अकबर का महिमामंडन जारी रखा और अगले ट्वीट में बताया कि अकबर कितना बेहतर शासक था। 

इसके पहले सागरिका घोष ने जवाहर लाल नेहरू के लिए अपनी भक्ति दिखाई थी। घोष के मन में ऐसे राजाओं-शासकों के लिए कुछ ज़्यादा ही लगाव है, जिन्होंने भारत पर शासन किया है। 

अक्सर ऐसे प्रयास होते रहते हैं, जिनमें मुग़ल शासकों की असल छवि को सकारात्मक बताया जाता है जबकि असलियत यही है कि मुग़ल शासकों से ज़्यादा धर्म परिवर्तन और अत्याचार किसी और ने नहीं किए। अकबर जिसे हिन्दू औरतों से विवाह करने के चलते कथित तौर पर धर्म निरपेक्ष करार दिया जाता है लेकिन सच यह है कि ऐसा उसने प्रेम भावना के चलते बिलकुल नहीं किया था।

अकबर ने भले हिन्दू औरतों से विवाह किया लेकिन उनके बच्चे जो हिन्दुओं की तरह पाले गए, उनके बारे में शायद ही कोई जानता हो। तमाम मुग़ल शासकों में सबसे ज़्यादा क्रूर और निर्दयी था औरंगज़ेब। जिनके बारे में यहाँ और यहाँ पढ़ा जा सकता है।       

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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