'द इकोनॉमिस्ट' ने हजारों साल पुरानी भारतीय संस्कृति को ऐसे दिखाने की कोशिश की है जैसे बाबर के आने से पहले न तो संस्कृति थी और न भाषा, कला। ये सब हमने मुगलों से सीखा
राजदीप सरदेसाई ने मुगलों की पैरवी करते हुए छत्रपति शिवाजी महाराज को डाकू कहा और बंगाल पर हमला करने की बात कहीं। फिर विरोध होने पर हमले की जगह बंगाल से सूरत कर दी।