Thursday, June 20, 2024
Homeरिपोर्टमीडियावामपंथी मीडिया का एक और विकेट गिरा: 22 साल NDTV में काम करने के...

वामपंथी मीडिया का एक और विकेट गिरा: 22 साल NDTV में काम करने के बाद सारा जैकब ने दिया इस्तीफा, पहले जा चुके हैं निधि-रवीश-श्रीनिवासन

"पिछली रात, मैंने एनडीटीवी से इस्तीफा दे दिया। डॉ. रॉय (प्रणव रॉय) और राधिका रॉय को भारत के सबसे महान मीडिया संस्थानों में से एक के निर्माण के लिए धन्यवाद।"

एनडीटीवी (NDTV) की सीनियर एडिटर और एंकर सारा जैकब ने 22 मई 2023 को संस्थान से इस्तीफा दे दिया है। सारा कथित पत्रकारिता संस्थान में लगभग 22 वर्षों से जुड़ी हुईं थीं। वह अन्य न्यूज बुलेटिन के साथ-साथ एनडीटीवी के मशहूर प्रोग्राम’वी द पीपल’ को भी होस्ट करती थीं। उन्होंने ट्विटर पर एनडीटीवी से अलग होने की जानकारी दी।

संस्थान छोड़ने की घोषणा करते हुए सारा जैकब ने लिखा, “पिछली रात, मैंने एनडीटीवी से इस्तीफा दे दिया। डॉ. रॉय (प्रणव रॉय) और राधिका रॉय को भारत के सबसे महान मीडिया संस्थानों में से एक के निर्माण के लिए धन्यवाद।” एनडीटीवी के सहकर्मियों को लिखे एक ई-मेल में जैकब ने संस्थान को सबसे रचनात्मक और बेहतरीन रिपोर्टर्स से भरा न्यूजरूम बताया। उन्होंने लिखा कि बेहतर लोगों के साथ काम करना मेरे लिए गर्व की बात है।

वर्ष 2001 से संस्थान के लिए काम कर रहीं सारा ने आगे लिखा, “एनडीटीवी में बतौर रिपोर्टर अपना सफर शुरू कर अपना शो होस्ट करना किसी पुरस्कार से कम नहीं है। एनडीटीवी ने मुझे जो कुछ भी दिया है उसके लिए मैं हमेशा आभारी रहूँगी।” एनडीटीवी से विदाई लेने के बाद सारा ने अपने दर्शकों, समर्थकों और आलोचकों का भी शुक्रिया अदा किया।

NDTV की होल्डिंग कंपनी पर अडानी समूह के नियंत्रण के बाद से ही वामपंथी एजेंडावादी पत्रकारों का इस्तीफा जारी है। इसके पहले विवादित न्यूज एंकर श्रीनिवासन जैन ने 28 जनवरी 2023 को एनडीटीवी से इस्तीफा दिया था। श्रीनिवासन करीब 30 सालों तक संस्थान से जुड़े रहे थे। श्रीनिवासन से पहले रवीश कुमार ने चैनल से इस्तीफा दिया था। अडानी समूह द्वारा प्रणय और राधिका रॉय से नेटवर्क हासिल करने के बाद इस्तीफों की बाढ़ में सारा का इस्तीफा नवीनतम है। निधि राजदान भी इससे पहले इस्तीफा दे चुकी हैं।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

14 फसलों पर MSP की बढ़ोतरी, पवन ऊर्जा परियोजना, वाराणसी एयरपोर्ट का विस्तार, पालघर का पोर्ट होगा दुनिया के टॉप 10 में: मोदी कैबिनेट...

पालघर के वधावन पोर्ट की क्षमता अब 298 मिलियन टन यूनिट की जाएगी। इससे भारत-मिडिल ईस्ट कॉरिडोर भी मजबूत होगा। 9 कंटेनर टर्मिनल होंगे।

किताब से बहती नदी, शरीर से उड़ते फूल और खून बना दूध… नालंदा की तबाही का दोष हिन्दुओं को देने वाले वामपंथी इतिहासकारों का...

बख्तियार खिजली को क्लीन-चिट देने के लिए और बौद्धों को सनातन से अलग दिखाने के लिए वामपंथी इतिहासकारों ने नालंदा विश्वविद्यालय को तबाह किए जाने का दोष हिन्दुओं पर ही मढ़ दिया। इसके लिए उन्होंने तिब्बत की एक किताब का सहारा लिया, जो इस घटना के 500 साल बाद लिखी गई थी और जिसमें चमत्कार भरे पड़े थे।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -