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ThePrint ने लॉकडाउन बढ़ाने को लेकर फैलाई अफवाह, पोल खुलते ही सोशल मीडिया पर पड़ रही गाली

दि प्रिंट के ऐसे एक्सक्लूसिव प्रयास भ्रम के माहौल में 'हो सकता है, संभावना है' - जैसी हेडलाइन से डर का माहौल बना रहे हैं। मगर, इनके इस अजेंडे को इस बार प्रसार भारती ने खुद खारिज किया है और कैबिनेट सेक्रेट्री ने भी सामने आकर खुद इस खबर की सच्चाई पर सरकार का मत साफ किया है।

देश भर में 21 दिन के लॉकडाउन के कारण निम्न वर्ग के लोगों में कितनी घबराहट है- ये हमने आनंद विहार पर इकट्ठा हुई भीड़ के रूप में पिछले दिनों देखा। हर किसी को अपने रोजगार और अपने रहने की चिंता है। ऐसे में सरकार उनकी परेशानियाँ खत्म करने के लिए बहुत प्रयास कर रही है। लेकिन ये बात सच है कि इस समय उन्हें उम्मीद से ज्यादा अफवाहें प्रभावित कर रही हैं और ये अफवाहें उनमें डर का माहौल बना रही है, जिसके कारण वे पैदल ही अपने घर लौटने पर आतुर हैं।

हालाँकि, इन अफवाहों को उनके मन से दूर करने का काम मीडिया का है। लेकिन क्या हो अगर मीडिया ही उन्हें भड़काए और कहे कि ये स्थिति अभी आगे बढ़ सकती है? जी हाँ। इस संकट की घड़ी में ये काम दि प्रिंट ने किया है। 21 दिन का लॉकडाउन सुनकर जहाँ लोग घर लौटने के लिए अस्त-व्यस्त हो गए हैं, वहीं दि प्रिंट ने एक्सक्लूसिव रिपोर्ट के रूप में दावा किया है कि उनकी स्थिति सिर्फ़ 21 दिन नहीं, बल्कि आगे भी ऐसी रह सकती है यानी लॉकडाउन आगे बढ़ सकता है।

अब जैसा कि समाचार का हर पक्ष पढ़कर उस पर यकीन करने वाले लोग जानते हैं कि अभी तक सरकार की ओर से कुछ भी और किसी भी तरह की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है फिर भी दि प्रिंट के ऐसे एक्सक्लूसिव प्रयास भ्रम के माहौल में ‘हो सकता है, संभावना है’ – जैसी हेडलाइन से डर का माहौल बना रहे हैं। मगर, इनके इस अजेंडे को इस बार प्रसार भारती ने खुद खारिज किया है और कैबिनेट सेक्रेट्री ने भी सामने आकर खुद इस खबर की सच्चाई पर सरकार का मत साफ किया है।

प्रसार भारती ने दि प्रिंट की इस खबर को शेयर करते हुए बताया है कि ये फेक न्यूज है। उनका कहना है कि प्रसार भारती इस खबर को लेकर लगातार कैबिनेट के संपर्क में है और कैबिनेट ने इसे लेकर हैरानी जताई है। कैबिनेट का साफ कहना है कि अभी तक उनके पास इस तरह का कोई प्लान नहीं है कि वे लॉकडाउन को एस्टेंड करने वाले हैं।

प्रसार भारती के खुलासे के बाद सोशल मीडिया पर इस खबर को लेकर दि प्रिंट की थू-थू हो रही है। हर कोई उन्हें उनके इस कारनामे के लिए शर्मिंदा होने को बोल रहा है। कुछ लोग केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को भी इस पर टैग कर रहे हैं और पूछ रहे हैं कि आखिर वो कब जाकर इन झूठी अफवाह फैलाने वाले मीडिया पोर्टल के ख़िलाफ़ एक्शन लेंगे और इन पर उचित कार्रवाई होगी। वहीं कुछ शेखर गुप्ता को इन हरकतों से बाज आने को रह रहे हैं और प्रसार भारती के जवाब को सीधा थप्पड़ बता रहे हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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