Wednesday, June 23, 2021
Home फ़ैक्ट चेक BJP की टोपी और मुस्लिम लड़की कॉलेज से सस्पेंड: टाइम्स ऑफ इंडिया ने चलाई...

BJP की टोपी और मुस्लिम लड़की कॉलेज से सस्पेंड: टाइम्स ऑफ इंडिया ने चलाई फर्जी खबर, घटिया प्रोपेगेंडा

शिक़ायत करने वाली उमाम खानम को झूठे आरोप लगाने के लिए कॉलेज से निलंबित कर दिया गया। सभी सबूत उसके ख़िलाफ़ थे। हिंदुओं को निशाना बनाने की जल्दबाजी में, टाइम्स ऑफ इंडिया के पत्रकार ने ऐसे घटिया प्रोपेगेंडा का सहारा लिया।

Times Of India, देश के प्रमुख प्रकाशनों में से एक है, जिसे अक्सर फेक न्यूज़ फैलाते पाया गया है। एक बार फिर ऐसा ही कुछ हुआ जिसमें एक ख़बर को ग़लत तरीके से प्रचारित करने का प्रयास किया गया। मेरठ लॉ स्कूल की एक 22 वर्षीया छात्रा के संबंध में टाइम्स ने अपनी ख़बर में फिर से आधी-अधूरी जानकारी दी।

Times Of India के पत्रकार पीयूष राय ने मेरठ लॉ स्टूडेंट की एक ख़बर की जिसमें बताया गया कि बीजेपी की टोपी पहनने से मना करने के बाद एक छात्रा को कॉलेज से निलंबित कर दिया गया। अपनी इस झूठी ख़बर के ज़रिए पत्रकार ने भाजपा को निशाना बनाने को कोशिश की। उन्होंने आगे दावा किया कि जिन ‘कथित’ छात्रों ने उमाम खानम को कथित तौर पर ‘बीजेपी की टोपी पहनने से मना’ किया था, उन्हें भी निष्कासित कर दिया गया।

The Times Of India report

हालाँकि, Times Of India के पत्रकार द्वारा किए गए सभी दावे पूरी तरह से झूठे हैं। पत्रकार स्वाति गोयल शर्मा ने इस बात की सच्चाई जानने के लिए कॉलेज का दौरा किया, जहाँ उन्होंने साथी सहपाठियों और कॉलेज के छात्रों से केवल यह जानने का प्रयास किया कि पत्रकार पीयूष राय द्वारा किए गए दावे जिनमें दोनों छात्रों के निष्कासन की बात कही गई थी वो कितने सच्चे और कितने झूठे हैं।

अपनी ‘धर्मनिरपेक्ष’ पत्रकारिता को आगे बढ़ाने की कोशिश में, पत्रकार पीयूष ने आगे आरोप लगाया कि 22 वर्षीया उमाम खानम को कॉलेज द्वारा निलंबित कर दिया गया, क्योंकि उसने कॉलेज ट्रिप में भाजपा की टोपी पहनने से इनकार कर दिया था जिसके लिए उसे अन्य छात्रों द्वारा परेशान भी किया गया। पीयूष राय के झूठे आरोपों को उस समय मुँह की खानी पड़ी जब ट्रिप पर गए अन्य छात्रों के साथ-साथ टीचर्स ने पत्रकार के दावों का खंडन किया और यह स्पष्ट रूप से कहा कि न तो बस में मौजूद छात्र शराब के प्रभाव में थे और न ही कोई भाजपा की टोपी पहने हुए थे।

इसके अलावा, कॉलेज के अधिकारियों ने उमाम खानम द्वारा की गई शिकायतों को देखने के लिए एक समिति बनाई। कॉलेज ने उन दो छात्रों को भी तुरंत निलंबित कर दिया, जिन पर कथित उत्पीड़न करने का आरोप लगाया गया था। हालाँकि, घटना के एक सप्ताह बाद भी, समिति द्वारा एक भी बैठक नहीं की जा सकी क्योंकि न तो पीड़िता और न ही अभियुक्त या उनके माता-पिता अपना बयान देने के लिए समिति के सामने उपस्थित हुए। इसलिए, कॉलेज ने 22 वर्षीया छात्रा को अगली सुनवाई तक निलंबित कर दिया।

OpIndia.com ने कॉलेज की एक छात्रा से बात की गई उसके अनुसार, शिक़ायत करने वाली उमाम खानम को कथित रूप से झूठे आरोप लगाने के लिए निलंबित कर दिया गया। सभी सबूत उसके ख़िलाफ़ थे और उसके पास कोई सबूत नहीं था जिससे उसके द्वारा लगाए गए आरोप सही साबित हो सकें।

2 अप्रैल को, उमाम खानम ने एक विवाद शुरू कर दिया था जब उसने अपने साथी छात्रों और अपने फैकल्टी के सदस्यों के ख़िलाफ़ परेशान किए जाने संबंधी गंभीर आरोप लगाए थे। अपने ट्वीट्स में खानम ने दावा किया था कि परेशान करने वाले छात्र शराब के नशे में थे।

खानम ने आरोप लगाया कि छात्रों ने उसे बीजेपी की टोपी पहनने के लिए मजबूर किया। इसी के लिए उसे परेशान किया गया क्योंकि खानम ने वो टोपी पहनने से इनकार कर दिया था। खानम ने अपने ट्वीट में यह भी लिखा कि जब वो छात्र उसे टोपी पहनने के लिए मजबूर कर रहे थे और परेशान कर रहे थे तो वहाँ मौजूद पुरुष अध्यापकों ने इस तथ्य को नज़रअंदाज़ किया।

हालाँकि, छात्रों के साथ ट्रिप पर जाने वाले शिक्षकों ने सभी आरोपों का खंडन किया था और ट्रिप के दौरान ऐसी किसी भी घटना से इनकार किया, जिसके आरोप 22 वर्षीया लॉ स्टूडेंट उमाम खानम ने लगाए थे।

स्वराज्य की पत्रकार स्वाति गोयल शर्मा की एक ग्राउंड रिपोर्ट में इस घटना से संबंधित एक और रोचक जानकारी सामने आई है क्योंकि लगभग 35 छात्र, जो कथित पीड़िता खानम के सहपाठी भी थे, ने स्पष्ट तथ्यों द्वारा समर्थित कहानी यानी इस घटना पर अपना पक्ष साझा किया।

कई अन्य छात्र भी स्वराज्य के लिए अपनी गवाही देने के लिए आगे आए कि कैसे उमाम एक ‘धार्मिक कट्टरपंथी’ है जिसने ‘शेहला राशिद और अरफा ख़ानम की गुड बुक में शामिल होने के लिए’ ऐसा किया।

उमाम खानम की सहपाठी ने साझा किया था स्क्रीनशॉट

उमाम की सहपाठी ज्योति सिंह ने उमाम खानम के खिलाफ अपने दावों को मजबूत करने के लिए उमाम के सोशल मीडिया पोस्ट के कई स्क्रीनशॉट भी लिए। उमाम ने एक दिन में तीन सौ ट्वीट डिलीट किए। हम उनमें से कई के स्क्रीनशॉट लेने में कामयाब रहे। ज्योति ने होली से जुड़ी एक और घटना साझा की। “अमित और अंकुर ने उस पर रंग लगाया। जब तक रंग सफेद और हरा था, वह ठीक थी। जिस क्षण उन्होंने उस पर केसरिया रंग डाला, और उन्होंने अनजाने में ऐसा किया, उसने कहा कि यह ठीक नहीं किया गया और रोना शुरू कर दिया।

ज्योति ने कहा, “वह हमेशा अपने धर्म के बारे में बात करती रही है। एक बार हमारे एक सीनियर जो कि एक मुस्लिम हैं और बहुत धर्मनिरपेक्ष हैं, ने कहा कि वह किसी भी धर्म में विश्वास नहीं करते, उस दिन उमाम इतना पागल हो गई कि वह वहाँ से बाहर निकल गई और आज तक, वह उनसे बात नहीं करती है।”

स्वराज्य टीम ने घटना के उसके पक्ष को सुनने के लिए उमाम तक पहुँचने की कोशिश की, जिसने कहा कि वह केवल फोन पर बात कर सकती है क्योंकि वह कॉलेज नहीं जाएगी।

जब इस बारे में सवाल किया गया कि कोई चश्मदीद गवाह क्यों नहीं है, तो उमाम ने कहा कि वह अपनी शिकायत पर अडिग है। यह पूछने पर कि उसके सहपाठी उसके खिलाफ अभियान क्यों चला रहे हैं, उमाम ने कहा कि उसके खिलाफ एक साजिश चल रही है। रिपोर्टर ने उमाम के ट्वीट्स और लिखित कम्प्लेन में विसंगति पर सवाल उठाया और पूछा कि लिखित शिकायत कम्प्लेन में उसकी मुस्लिम पहचान का कोई उल्लेख नहीं था, उसने कहा कि वह ऐसा महसूस करती है और अपनी शिकायत पर अडिग है। हालाँकि, उमाम ने यह पता चलने के बाद कॉल काट दिया कि रिपोर्टर स्वराज्य के लिए काम करती है।

एक अन्य छात्र ने यह भी कहा कि उमाम एक धार्मिक कट्टरपंथी है। उन्होंने कहा है कि उमाम बहुत ही रूढ़िवादी है, उसने दाऊद इब्राहिम को भारत के ‘बाप’ के रूप में संदर्भित किया था और चाहती थी कि मोदी को भी लिंच किया जाए। उनके सहपाठियों में से एक ने यह भी कहा कि उमाम ने शरिया कानूनों का समर्थन किया था, गौ-मूत्र पर चुटकुलों का समर्थन किया था और हर किसी को अंध भक्त और हिंदुत्व टाइप कहा था जो उससे असहमत थे।

सत्तारूढ़ भाजपा और हिंदुओं को निशाना बनाने की जल्दबाजी में, टाइम्स ऑफ इंडिया के पत्रकार ने भाजपा को बदनाम करने के लिए ऐसी घटिया प्रोपेगेंडा का सहारा लिया है कि यात्रा के दौरान किसी तरह की उत्पीड़न की रिपोर्टिंग में बुनियादी पत्रकारिता की नैतिकता का पालन किए बिना या कम से कम दूसरे को सुने बिना ही ऐसी फर्ज़ी कहानी छाप दी।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

जानिए कैसे श्याम प्रताप सिंह बन गया मौलाना मोहम्मद उमर, पूर्व PM का रिश्तेदार है परिवार: AMU से मिल चुका है सम्मान

जानिए कैसे श्याम प्रताप सिंह बन गया मौलाना मोहम्मद उमर गौतम, जिसने 1000 हिंदुओं को मुस्लिम बनाया। उसका परिवार दिवंगत पूर्व PM वीपी सिंह का रिश्तेदार है। उसका कहना था कि वो 'अल्लाह का काम' कर रहा है।

‘टोपी-कुर्ता-दाढ़ी वाला ही होता है हैवानियत का शिकार’: AAP विधायक अमानतुल्लाह खान ने शेयर किया वीडियो, जानिए सच्चाई

"हर बार की तरह 'टोपी-कुर्ता-दाढ़ी' वाला शख्स ही हैवानियत का शिकार होता दिखेगा। BJP सरकार भले ही विकास करने में असमर्थ रही हो, लेकिन नफ़रत फैलाने में अव्वल साबित हुई। दुःखद!"

मूक-बधिर बच्चों को बनाने वाले थे ‘मानव बम’, देश-विदेश में होना था इस्तेमाल: इस्लामी धर्मांतरण गिरोह को पाक-अरब से फंडिंग

पाकिस्तान और अरब देशों से इन्हें भारी फंडिंग मिल रही थी, जिससे इस्लामी धर्मांतरण का गिरोह फल-फूल रहा था। गाजियाबाद के डासना मंदिर में घुसने वालों से भी इनका कनेक्शन सामने आया है।

‘CM योगी पहाड़ी, गोरखपुर मंदिर मुस्लिमों की’: धर्मांतरण पर शिकंजे से सामने आई मुनव्वर राना की हिंदू घृणा

उन्होंने दावा किया कि योगी आदित्यनाथ को प्रधानमंत्री बनने की इतनी जल्दी है कि 1000 क्या, वो ये भी कह सकते हैं कि यूपी में 1 करोड़ हिन्दू धर्मांतरण कर के मुस्लिम बन गए हैं।

भारत ने कोरोना संकटकाल में कैसे किया चुनौतियों का सामना, किन सुधारों पर दिया जोर: पढ़िए PM मोदी का ब्लॉग

भारतीय सार्वजनिक वित्त में सुधार के लिए हल्का धक्का देने वाली कहानी है। इस कहानी के मायने यह हैं कि राज्यों को अतिरिक्त धन प्राप्त करने के लिए प्रगतिशील नीतियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है।

पल्स पोलियो से टीके को पिटवा दिया अब कॉन्ग्रेस के कोयला स्कैम से पिटेगी मोदी की ईमानदारी: रवीश कुमार

ये व्यक्ति एक ऐसा फूफा है जो किसी और के विवाह में स्वादिष्ट भोजन खाकर यह कहने में जरा भी नहीं हिचकेगा कि; भोजन तो बड़ा स्वादिष्ट था लेकिन अगर नमक अधिक हो जाता तो खराब हो जाता। हाँ, अगर विवाह राहुल गाँधी का हुआ तो...

प्रचलित ख़बरें

TMC के गुंडों ने किया गैंगरेप, कहा- तेरी काली माँ न*गी है, तुझे भी न*गा करेंगे, चाकू से स्तन पर हमला: पीड़ित महिलाओं की...

"उस्मान ने मेरा रेप किया। मैं उससे दया की भीख माँगती रही कि मैं तुम्हारी माँ जैसी हूँ मेरे साथ ऐसा मत करो, लेकिन मेरी चीख-पुकार उसके बहरे कानों तक नहीं पहुँची। वह मेरा बलात्कार करता रहा। उस दिन एक मुस्लिम गुंडे ने एक हिंदू महिला का सम्मान लूट लिया।"

‘एक दिन में मात्र 86 लाख लोगों को वैक्सीन, बेहद खराब!’: रवीश कुमार के लिए पानी पर चलने वाले कुत्ते की कहानी

'पोलियो रविवार' के दिन मोदी सरकार ने 9.1 करोड़ बच्चों को वैक्सीन लगाई। रवीश 2012 के रिकॉर्ड की बात कर रहे। 1950 में पहला पोलियो वैक्सीन आया, 62 साल बाद बने रिकॉर्ड की तुलना 6 महीने बाद बने रिकॉर्ड से?

टीनएज में सेक्स, पोर्न, शराब, वन नाइट स्टैंड, प्रेग्नेंसी… अनुराग कश्यप ने बेटी को कहा- जैसी तुम्हारी मर्जी

ब्वॉयफ्रेंड के साथ सोने के सवाल पर अनुराग ने कहा, "यह तुम्हारा अपना डिसीजन है कि तुम किसके साथ रहती हो। मैं केवल इतना चाहता हूँ कि तुम सेफ रहो।"

‘तुम्हारे शरीर के छेद में कैसे प्लग लगाना है, मुझे पता है’: पूर्व महिला प्रोफेसर का यौन शोषण, OpIndia की खबर पर एक्शन में...

कॉलेज के सेक्रेटरी अल्बर्ट विलियम्स ने उन पर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया। जोसेफिन के खिलाफ 60 आरोप लगा कर इसकी प्रति कॉलेज में बँटवाई गई। एंटोनी राजराजन के खिलाफ कार्रवाई की बजाए उन्हें बचाने में लगा रहा कॉलेज प्रबंधन।

‘नंदलाला की #$ गई क्या’- रैपर MC कोड के बाद अब मफ़ाद ने हिन्दुओं की आस्था को पहुँचाई चोट, भगवान कृष्ण को दी गालियाँ

रैपर ने अगली पंक्ति में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने के लिए बेहद आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया जैसे, "मर गया तेरा नंदलाल नटखट, अब गोपियाँ भागेंगी छोड़के पनघट।"

शादीशुदा इमरान अंसारी ने जैन लड़की का किया अपहरण, कई बार रेप: अजमेर दरगाह ले जा कर पहनाई ताबीज, पुलिस ने दबोचा

इमरान अंसारी ने इस दौरान पीड़िता को बार-बार अपने साथ शारीरिक सम्बन्ध बनाने के लिए मजबूर किया। उसने पीड़िता को एक ताबीज़ पहनने के लिए दिया।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
105,542FollowersFollow
392,000SubscribersSubscribe