Tuesday, June 18, 2024
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बुर्क़े में रहने दो, बुर्क़ा जो उठ गया तो भेद खुल जाएगा: बलियान ने किया फर्जी वोटिंग का दावा

सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स संजीव के समर्थन में ऐसी तस्वीरें साझा कर रहे हैं, जिनमें एक लड़का बुर्के में नज़र आ रहा है जिसके मद्देनज़र सवाल बना हुआ है कि आखिर सच्चाई क्या है।

देश की 91 लोकसभा सीटों पर गुरुवार (अप्रैल 11, 2019) को मतदान का पहला चरण सम्पन्न हुआ। इस बीच एक तरफ जहाँ आंध्र प्रदेश के टीडीपी नेता की मौत के कारण सुर्खियाँ बनी, वहीं यूपी की 8 सीटों पर बुर्का पहनकर मतदान करने आई औरतों को लेकर विवाद हुआ।

मुजफ्फरनगर में भाजपा सांसद संजीव बलियान जिनका मुकाबला इस बार आरएलडी प्रमुख अजीत सिंह से है, उन्होंने बुर्का पहनकर मतदान करने आई औरतों के चेहरे की जाँच नहीं किए जाने का मुद्दा उठाया है। यहाँ संजीव ने फर्जी मतदान का आरोप लगाते हुए कहा कि मतदान केंद्र में मतदाताओं के चेहरे की ठीक से जाँच नहीं की जा रही है। उन्होंने सवाल किया कि अगर ऐसा ही रहा तो एक मतदाता को बार-बार मतदान करने से कैसे रोका जाएगा।

संजीव का आरोप है कि 25-26 मतदान केंद्रों पर एक भी महिला कांस्टेबल को तैनात नहीं किया गया जो बुर्के वाली औरतों के चेहरे की जाँच कर सकें। उनका कहना है कि गाँव में एक भी महिला कॉन्स्टेबल की ड्यूटी नहीं लगी थी।

संजीव ने अपना मत रखते हुए कहा कि अगर किसी प्रत्याशी को अपने मजहब के कारण चेहरा दिखाने में आपत्ति है तो बेहतर है वो मतदान करने न आए। इतना ही नहीं उनका कहना है कि मतदान केंद्र में कुछ महिलाओं को मतदाता सूची पर बिना हस्ताक्षर किए ही मतदान देने की अनुमति दी गई है। वहीं कैराना से सांसद और गठबंधन की उम्मीदवार तबस्सुम हसन ने बलियान पर पलटवार करते हुए कहा है कि बलियान बुर्के पर सवाल नहीं उठा सकते क्योंकि जब भी जरूरत पड़ती है बुर्का हटाकर चेहरे की जाँच की जाती है।

आपको बता दें संजीव बलियान के इस आरोप पर विपक्ष ने जमकर निशाना साधा है और साथ ही उन्हें अपने दिमाग का इलाज करवाने की सलाह तक दी है। ऐसे में सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स संजीव के समर्थन में ऐसी तस्वीरों को साझा कर रहे हैं, जिनमें एक लड़का बुर्के में नज़र आ रहा है। जिसके मद्देनज़र सवाल बना हुआ है कि आखिर सच्चाई क्या है?

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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