Friday, August 6, 2021
Homeरिपोर्टराष्ट्रीय सुरक्षाइस्लामिक शासन स्थापित करने के लिए भारत को दहलाने की योजना नाकाम, 16 एनआईए...

इस्लामिक शासन स्थापित करने के लिए भारत को दहलाने की योजना नाकाम, 16 एनआईए की ​हिरासत में

तमिलनाडु के वाहदत-ए-इस्लामी हिंद से जुड़े हैं सदिग्ध। आतंकी हमलों को अंजाम देने के लिए लोगों की कर रहे थे भर्ती। हमले के लिए विस्फोटक, जहर, चाकू और गाड़ियों के इस्तेमाल का दिया जा रहा था प्रशिक्षण।

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) ने तमिलनाडु समेत भारत के कई हिस्सों में आंतकी हमले की साजिश को नाकाम करते हुए 16 लोगों को हिरासत में लिया। इनमें से 14 की पहचान कर ली गई है। ये सभी लोग तमिलनाडु से हैं।

एनआईए के मुताबिक भारत में आतंकी हमले के लिए ये लोगों की भर्ती कर रहे थे। अपने समर्थकों को वीडियो और अन्य प्रोपेंगेंडा मटेरियल मुहैया करवाते थे। साथ ही हमले के लिए विस्फोटक, जहर, चाकू और गाड़ियों के इस्तेमाल की ट्रेनिंग दे रहे थे।

जानकारी के मुताबिक ये संदिग्ध वाहदत-ए-इस्लामी हिंद (तमिलनाडु का कट्टरपंथी संगठन) के सदस्य हैं। आतंकवादी संगठनों ISIS/दाएश, अल-कायदा और सिमी (स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया) के प्रति झुकाव के कारण भारत के भीतर और बाहर हमले की साजिश रच रहे थे और आतंकवादी गिरोह ‘अंसारुल्ला’ का गठन करके भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने की तैयार कर रहे थे।

एनआईए द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक इस मामले में आईपीसी की धारा 12बी, 121ए और 122 के साथ गैरकानूनी गतिविधियों की धारा 17, 18, 18बी और 39 के तहत 9 जुलाई को मामला दर्ज किया गया है। एनआईए की मानें तो खुफिया जानकारी के आधार पर इस मामले में छापेमारी की गई थी। जिसमें उन्हें 15 सिमकार्ड, 7 मेमोरी कार्ड, 3 लैपटॉप, 5 हार्डडिस्क, 6 पेन ड्राइवर, 2 टैबलेट, 3 सीडी/डीवीडी, दस्तावेज, मैगजीन, बैनर, नोटिस, पोस्टर और पुस्तकें बरामद हुए थे। इस दौरान उन्होंने हसन अली और हरीश मोहम्मद नाम के दो लोगों को गिरफ्तार किया था।

दोनों ने पूरे नेटवर्क का खुलासा करते हुए बताया था कि इस्लामिक शासन स्थापित करने के मकसद से वे आतंकी हमले को अंजाम देने की फ़िराक में थे। इसके लिए उन्होंने पैसे की व्यवस्था और अन्य तैयारियाँ भी की थी। 

गौरतलब है इस मामले में अन्य संदिग्धों को कुछ दिन पहले दुबई से भारत को सौंपा गया था। जिसके बाद इन्हें विशेष फ्लाइट से चेन्नई लाया गया और बाद में एनआईए की अदालत में पेश किया गया। कोर्ट ने इन्हें 25 जुलाई तक एजेंसी की हिरासत में भेजने का आदेश दिया।

दुबई से निकाले गए 14 लोगों की पहचान 58 वर्षीय मोहम्मद इब्राहिम,रफी अहमद (55), मोहिदीन सेनी शाहुल हमीद (59), उमर बरोक (48), मीरान गनी (33), गुलाम नबी असथ(37), मुंतशिर (39), फ़ारूक (26), मोहम्मद शेख मैथीन (40) , अहमद अजरुद्दीन (27), तौफीक अहमद (27), मोहम्मद इब्राहिम (36), मोहम्मद अफज़र (29), और फैज़ल शरीफ(44) के तौर पर की गई है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

पाकिस्तान में गणेश मंदिर तोड़ने पर भारत सख्त, सालभर में 7 मंदिर बन चुके हैं इस्लामी कट्टरपंथियों का निशाना

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में मंदिर तोड़े जाने के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान के शीर्ष राजनयिक को तलब किया है।

अफगानिस्तान: पहले कॉमेडियन और अब कवि, तालिबान ने अब्दुल्ला अतेफी को घर से घसीट कर निकाला और मार डाला

अफगानिस्तान के उपराष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह ने भी अब्दुल्ला अतेफी की हत्या की निंदा की और कहा कि अफगानिस्तान की बुद्धिमत्ता खतरे में है और तालिबान इसे ख़त्म करके अफगानिस्तान को बंजर बनाना चाहता है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
113,173FollowersFollow
395,000SubscribersSubscribe