Wednesday, April 1, 2020
होम रिपोर्ट राष्ट्रीय सुरक्षा इस्लामिक शासन स्थापित करने के लिए भारत को दहलाने की योजना नाकाम, 16 एनआईए...

इस्लामिक शासन स्थापित करने के लिए भारत को दहलाने की योजना नाकाम, 16 एनआईए की ​हिरासत में

तमिलनाडु के वाहदत-ए-इस्लामी हिंद से जुड़े हैं सदिग्ध। आतंकी हमलों को अंजाम देने के लिए लोगों की कर रहे थे भर्ती। हमले के लिए विस्फोटक, जहर, चाकू और गाड़ियों के इस्तेमाल का दिया जा रहा था प्रशिक्षण।

ये भी पढ़ें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) ने तमिलनाडु समेत भारत के कई हिस्सों में आंतकी हमले की साजिश को नाकाम करते हुए 16 लोगों को हिरासत में लिया। इनमें से 14 की पहचान कर ली गई है। ये सभी लोग तमिलनाडु से हैं।

एनआईए के मुताबिक भारत में आतंकी हमले के लिए ये लोगों की भर्ती कर रहे थे। अपने समर्थकों को वीडियो और अन्य प्रोपेंगेंडा मटेरियल मुहैया करवाते थे। साथ ही हमले के लिए विस्फोटक, जहर, चाकू और गाड़ियों के इस्तेमाल की ट्रेनिंग दे रहे थे।

जानकारी के मुताबिक ये संदिग्ध वाहदत-ए-इस्लामी हिंद (तमिलनाडु का कट्टरपंथी संगठन) के सदस्य हैं। आतंकवादी संगठनों ISIS/दाएश, अल-कायदा और सिमी (स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया) के प्रति झुकाव के कारण भारत के भीतर और बाहर हमले की साजिश रच रहे थे और आतंकवादी गिरोह ‘अंसारुल्ला’ का गठन करके भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने की तैयार कर रहे थे।

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

एनआईए द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक इस मामले में आईपीसी की धारा 12बी, 121ए और 122 के साथ गैरकानूनी गतिविधियों की धारा 17, 18, 18बी और 39 के तहत 9 जुलाई को मामला दर्ज किया गया है। एनआईए की मानें तो खुफिया जानकारी के आधार पर इस मामले में छापेमारी की गई थी। जिसमें उन्हें 15 सिमकार्ड, 7 मेमोरी कार्ड, 3 लैपटॉप, 5 हार्डडिस्क, 6 पेन ड्राइवर, 2 टैबलेट, 3 सीडी/डीवीडी, दस्तावेज, मैगजीन, बैनर, नोटिस, पोस्टर और पुस्तकें बरामद हुए थे। इस दौरान उन्होंने हसन अली और हरीश मोहम्मद नाम के दो लोगों को गिरफ्तार किया था।

दोनों ने पूरे नेटवर्क का खुलासा करते हुए बताया था कि इस्लामिक शासन स्थापित करने के मकसद से वे आतंकी हमले को अंजाम देने की फ़िराक में थे। इसके लिए उन्होंने पैसे की व्यवस्था और अन्य तैयारियाँ भी की थी। 

गौरतलब है इस मामले में अन्य संदिग्धों को कुछ दिन पहले दुबई से भारत को सौंपा गया था। जिसके बाद इन्हें विशेष फ्लाइट से चेन्नई लाया गया और बाद में एनआईए की अदालत में पेश किया गया। कोर्ट ने इन्हें 25 जुलाई तक एजेंसी की हिरासत में भेजने का आदेश दिया।

दुबई से निकाले गए 14 लोगों की पहचान 58 वर्षीय मोहम्मद इब्राहिम,रफी अहमद (55), मोहिदीन सेनी शाहुल हमीद (59), उमर बरोक (48), मीरान गनी (33), गुलाम नबी असथ(37), मुंतशिर (39), फ़ारूक (26), मोहम्मद शेख मैथीन (40) , अहमद अजरुद्दीन (27), तौफीक अहमद (27), मोहम्मद इब्राहिम (36), मोहम्मद अफज़र (29), और फैज़ल शरीफ(44) के तौर पर की गई है।

- ऑपइंडिया की मदद करें -
Support OpIndia by making a monetary contribution

ख़ास ख़बरें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

ताज़ा ख़बरें

Covid-19: दुनिया भर में संक्रमितों की कुल संख्या 853981, भारत में अब तक संक्रमितों की संख्या 1397, 35 मौतें

दुनिया भर में अब तक 853,981 लोग इस वायरस की चपेट में आ चुके हैं। इनमें 42,006 की मौत हो हुई है। 176,906 को सफलतापूर्वक रिकवर भी कर लिया गया है। भारत में 35 लोग अब तक इस संक्रमण से जान गॅंवा चुके हैं।

सिसली में शवों से भरे 12 जहाजों से लेकर वुहान के कोरोना तक: हमेशा गतिशील धनाढ्य वर्ग के कारण फैले ऐसे विषाणु

पैनडेमिक के पीछे कभी भी गरीब, पिछड़े और आम जीवन व्यतीत करने वालों का हाथ नहीं रहा। इसके पीछे प्राय: धनी, सुदृढ़, प्रवासी, धनाकांक्षी, गतिशील लोग होते थे और आज भी स्थिति वही है। फिर चाहे देश में पहला कोरोना केस बना वुहान से लौटा केरल का छात्र हो या लंदन से लौटी कनिका कपूर। सब एक समृद्ध समाज का हिस्सा हैं। जिनके लिए आज यहाँ कल वहाँ एक आम बात है।

तमिलनाडु में सामने आए कोरोना के 50 नए मामले, प्रदेश से निजामुद्दीन मरकज में शामिल हुए 1500, 501 की हुई पहचान

तमिलनाडु से 50 कोरोना के नए मरीज सामने आए हैं। आश्चर्य की बात यह कि इन 50 नए मरीजों में से 45 मरीज वह हैं, जिन्होंने दिल्ली के निजामुद्दीन में हुए मजहबी सम्मेलन में हिस्सा लिया था। सम्मेलन में तमिलनाडु से शामिल होने वाले 501 जमातियों की पहचान हो गई है।

45 किचेन, रोज बाँटे जा रहे 75000 पैकेट: लगे हैं ‘सेवा भारती’ के 5000 कार्यकर्ता, गोमाता का भी रखा जा रहा ध्यान

पूरी दिल्ली में क्राउड मैनेजमेंट के लिए भी काम किया जा रहा है। जैसे, आनंद विहार में जब केजरीवाल सरकार ने हजारों-लाखों मजदूरों को यूपी सीमा पर ढाह दिया, तब वहाँ अफरातफरी मचने पर 250 संघ कार्यकर्ताओं ने जाकर लोगों को सँभालने में पुलिस की मदद की।

मक्का से लौटे, क्वारंटाइन का नियम तोड़ा, मुहर मिटाई: माँ-बेटे पॉजिटिव, पीलीभीत के 35 लोगों पर मुकदमा

अमरिया क्षेत्र के रहने वाले 35 लोग 25 फरवरी को उमरा करने के लिए सऊदी अरब गए थे, जो कि 20 मार्च को सऊदी अरब से मुंबई के एयरपोर्ट पहुँचे थे, जहाँ सभी की स्क्रीनिंग की गई। जाँच में संदिग्ध पाए जाने पर सभी लोगों को कोरोना वायरस संदिग्ध की मुहर लगाई गई थी।

जम्मू कश्मीर पर भारत को बदनाम करने में लगा है ध्रुव राठी, बलूचिस्तान पर साध लेता है चुप्पी

इसी बीच उसका एक और प्रोपेगंडा सामने आया है। वो कई देशों के स्वतंत्रता संग्राम पर भी वीडियो बनाता रहा है। इस दौरान वो जम्मू कश्मीर का नाम तो लेता है लेकिन कभी भी बलूचिस्तान के बारे में कुछ नहीं कहता।

प्रचलित ख़बरें

रवीश है खोदी पत्रकार, BHU प्रोफेसर ने भोजपुरी में विडियो बनाके रगड़ दी मिर्ची (लाल वाली)

प्रोफेसर कौशल किशोर ने रवीश कुमार को सलाह देते हुए कहा कि वो थोड़ी सकारात्मक बातें भी करें। जब प्रधानमंत्री देश की जनता की परेशानी के लिए क्षमा माँग रहे हैं, ऐसे में रवीश क्या कहते हैं कि देश की सारी जनता मर जाए?

केजरीवाल की खुली पोल: बिजली-पानी काट बॉर्डर पर छोड़ा, UP सरकार की बसें बनी सहारा

लॉकडाउन के बाद दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर गॉंव लौटने के लिए लोगों की भारी भीड़ दिख रही है। अब पता चला है कि इन्हें किस तरह गुमराह किया गया। दिल्ली सरकार के अधिकारी बक़ायदा एनाउंसममेंट कर अफ़वाह फैलाते रहे कि यूपी बॉर्डर पर बसें खड़ी हैं, जो उन्हें घर ले जाएँगी।

800 विदेशी इस्लामिक प्रचारक होंगे ब्लैकलिस्ट: गृह मंत्रालय का फैसला, नियम के खिलाफ घूम-घूम कर रहे थे प्रचार

“वे पर्यटक वीजा पर यहाँ आए थे लेकिन मजहबी सम्मेलनों में भाग ले रहे थे, यह वीजा नियमों के शर्तों का उल्लंघन है। हम लगभग 800 इंडोनेशियाई प्रचारकों को ब्लैकलिस्ट करने जा रहे हैं ताकि भविष्य में वे देश में प्रवेश न कर सकें।”

मेरठ लॉकडाउन: मवाना और सरधना के मस्जिदों में छिपे थे 19 विदेशी मौलवी, प्रशासन को धोखा देने के लिए बाहर से बंद था ताला

मवाना में दारोगा नरेंद्र सिंह ने शहर काजी मौलाना नफीस, एडवोकेट असलम, नईम सौफी समेत अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस ने आईपीसी की धारा 188, 269, 270 व 14 विदेशी अधिनियम, महामारी एक्ट के तहत केस दर्ज किया है।

लाल सलाम की फट गई डफली, जिस अंबानी-अडानी को देते थे गाली… वही उद्योगपति आज कर रहे देश की मदद

डफली बजाने से अगर कोरोना से लड़ाई लड़ ली जाती तो शायद आज JNU के वामपंथी ब्रिगेड से ही सबसे ज्यादा डॉक्टर और वैज्ञानिक निकलते। अगर प्रोपेगेंडा पोर्टलों में लेख लिखने से कोरोना भाग जाता तो राणा अयूब, सदानंद धुमे और बरखा दत्त जैसे लोगों ने अब तक वैक्सीन का अविष्कार कर लिया होता।

ऑपइंडिया के सारे लेख, आपके ई-मेल पे पाएं

दिन भर के सारे आर्टिकल्स की लिस्ट अब ई-मेल पे! सब्सक्राइब करने के बाद रोज़ सुबह आपको एक ई-मेल भेजा जाएगा

हमसे जुड़ें

169,325FansLike
52,714FollowersFollow
209,000SubscribersSubscribe
Advertisements