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तमिलनाडु: इस्लामी शासन खड़ा करने की कोशिश नाकाम, NIA ने 14 को गिरफ्तार किया

संदिग्ध चेन्नई, तिरूनवेल्ली,थेनी, नागापट्टनम और रामनाथपुरम के रहने वाले हैं और वाहदत-ए-इस्लामी हिंद के सदस्य हैं। ये तमिलनाडु के उन लोगों के संपर्क में थे जो प्रदेश में अंसारुल्ला को खड़ा करना चाहते थे।

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) ने तमिलनाडु में आतंकी संगठन ‘अंसारुल्ला’ को खड़ा करने की कोशिश कर रहे 14 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। इन्हें हाल ही में सऊदी अरब ने भारत को सौंपा था। बताया जाता है कि इस्लामिक शासन खड़ा करने के लिए ये लोग आतंकी हमले की साजिश रच रहे थे।

संदिग्धों को सोमवार (जुलाई 16, 2019) को नई दिल्ली से चेन्नई विशेष विमान से ले जाया गया। उन्हें पूनमल्ली की एनआईए कोर्ट में विशेष जज के समक्ष पेश किया गया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने इन्हें 25 जुलाई तक एजेंसी की हिरासत में भेज दिया।

जानकारी के मुताबिक कोर्ट के सामने पेश किए गए संदिग्ध चेन्नई, तिरूनवेल्ली,थेनी, नागापट्टनम और रामनाथपुरम के रहने वाले हैं और वाहदत-ए-इस्लामी हिंद (तमिलनाडु का धार्मिक संगठन) के सदस्य हैं। साथ ही इन लोगों पर आरोप है कि ये तमिलनाडु के उन लोगों के संपर्क में थे जो प्रदेश में अंसारुल्ला को खड़ा करना चाहते थे।

बताया जा रहा है कि ये सभी संदिग्ध अंसारुल्ला को खड़ा करने के लिए पैसे जुटा रहे थे। जिसके चलते इन्हें हाल ही में सऊदी अरब से भारत प्रत्यर्पित किया गया।

खबरों की मानें तो इस मामले में एनआईए ने शनिवार को हसन अली और हरीश मोहम्मद नाम के दो लोगों को गिरफ्तार किया था। दोनों ने पूरे नेटवर्क का खुलासा किया और बताया कि इस्लामिक शासन स्थापित करने के मकसद से वे आतंकी हमले को अंजाम देना चाहता था। इसके लिए पैसे की व्यवस्था की और अन्य तैयारी की। 

एनआईए ने चेन्नई और नागपट्टनम जिलों में आरोपितों के ठिकानों पर छापेमारी भी की और चेन्नई निवासी सईद बुखारी और नागपट्टिनम निवासी हसन अली, युनुसमारिकार और मोहम्मद युसुफूद्दीन हरीश मोहम्मद के खिलाफ 9 जुलाई, 2019 मामला दर्ज किया।

छापेमारी में 15 सिमकार्ड, 7 मेमोरी कार्ड, 3 लैपटॉप, 5 हार्डडिस्क, 6 पेन ड्राइवर, 2 टैबलेट, 3 सीडी/डीवीडी, दस्तावेज, मैगजीन, बैनर, नोटिस, पोस्टर और पुस्तकें बरामद हुई थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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