Homeरिपोर्टराष्ट्रीय सुरक्षाJ&K : पुलवामा और कुलगाम में एनकाउंटर, सुरक्षा बलों ने मार गिराए 5 आतंकी

J&K : पुलवामा और कुलगाम में एनकाउंटर, सुरक्षा बलों ने मार गिराए 5 आतंकी

दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा में दो आतंकियों के छिपे होने की सूचना के बाद सुरक्षा बलों ने सर्च ऑपरेशन चलाया। मकान में छिपे आतंकियों ने सुरक्षा बलों पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों मार गिराए गए।

जम्मू-कश्मीर में भारतीय सुरक्षा बलों को आतंकियों के खिलाफ बड़ी सफलता हाथ लगी है। बीते 24 घंटों में सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में 5 आतंकियों को मार गिराया है। इनमें हिजबुल का टॉप कमांडर मेहराजुद्दीन उर्फ उबैद भी शामिल है जो घाटी का पुराना आतंकी था और बुरहान वानी का साथी था।

दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा में आतंकियों के साथ बुधवार (7 जुलाई 2021) की रात को मुठभेड़ शुरू हुई। पुलवामा में दो आतंकियों के छिपे होने की सूचना के बाद सुरक्षा बलों ने सर्च ऑपरेशन चलाया। हालाँकि मकान में छिपे आतंकियों ने सुरक्षा बलों पर फायरिंग शुरू कर दी। सुरक्षा बलों ने भी पहले तो आतंकियों को आत्मसमर्पण का मौका दिया, लेकिन आतंकियों की ओर से गोलीबारी जारी रही। इसके बाद सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए दोनों आतंकियों को मार गिराया।

कुलगाम के जोदार इलाके में गुरुवार (08 जुलाई) तड़के मुठभेड़ शुरू हुई। इस मुठभेड़ में पुलिस और 01 आरआर के जॉइन्ट ऑपरेशन में लश्कर के दो आतंकी मार गिराए गए। इस तरह पुलवामा और कुलगाम में हुई मुठभेड़ में कुल मिलाकर 4 आतंकियों की मौत हुई है।

आपको बता दें कि उत्तर कश्मीर के हंदवाड़ा में सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में हिजबुल मुजाहिद्दीन के टॉप कमांडर मेहराजुद्दीन हलवाई उर्फ उबैद को मार गिराया था। कश्मीर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक विजय कुमार ने बताया कि मेहराजुद्दीन, हिजबुल के पुराने और कुख्यात आतंकियों में से एक था। मेहराजुद्दीन, हिजबुल कमांडर बुरहान वानी का साथी था। इस ऑपरेशन को पुलिस, सेना और सीआरपीएफ ने संयुक्त रूप से अंजाम दिया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस कई सालों से उसकी तलाश कर रही थी। घाटी में पिछले 9 सालों से क्रिय मेहराजुद्दीन सिर्फ 12वीं पास था। लेकिन वह आधुनिक संचार तकनीकी का बेहद कुशलता से इस्तेमाल करता था। इसकी वजह से वह पुलिस की पकड़ में नहीं आ रहा था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

ममता से ज्यादा अभिषेक बनर्जी से क्यों नाराज है बंगाल? सत्ता, घोटालों और अहंकार की राजनीति ने कैसे बनाया जनता के गुस्से का सबसे...

बंगाल में TMC की करारी हार के बाद जनता का सबसे बड़ा निशाना ममता बनर्जी के भतीजे और राजनीतिक उत्तराधिकारी माने जाने वाले अभिषेक बनर्जी बने हैं।

आज जहाँ से पकड़ा गया है आतंकी मोहम्मद शेख, वहीं के रहने वाले थे बाटला हाउस एनकाउंटर में ढेर हुए आतंकी: ‘आतंक की नर्सरी’...

यूपी एटीएस ने मुस्तैदी दिखाकर Target Killing की साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया। अब वो आतंकी गिरोह के नेटवर्क को खंगालने में जुट गई है।
- विज्ञापन -