Homeरिपोर्टराष्ट्रीय सुरक्षाकश्मीर के पुंछ में सेना के कमांडर को ले जा रहे हेलीकॉप्टर की इमरजेंसी...

कश्मीर के पुंछ में सेना के कमांडर को ले जा रहे हेलीकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग: सभी अधिकारी सुरक्षित

"उत्तरी सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह को ले कर जा रहे एक हेलीकॉप्टर को तकनीकी समस्या के चलते पुँछ के क्षेत्र में लैंडिंग करने के लिए मजबूर पड़ा है। चालक दल के सभी सदस्य और अधिकारी सुरक्षित हैं।"

जम्मू-कश्मीर के पुँछ जिले के पास आज (गुरुवार, 24 अक्टूबर, 2019 को) भारतीय सेना के एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (एएलएच) की इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी है। चॉपर के सवारों में भारतीय सेना की उत्तरी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह भी शामिल थे। ध्रुव नामक श्रेणी के इस चॉपर की लैंडिंग का कारण तकनीकी खराबी को बताया जा रहा है। सेना की उत्तरी कमांड ने एक बयान में कहा, “उत्तरी सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह को ले कर जा रहे एक हेलीकॉप्टर को तकनीकी समस्या के चलते पुँछ के क्षेत्र में लैंडिंग करने के लिए मजबूर पड़ा है। चालक दल के सभी सदस्य और अधिकारी सुरक्षित हैं।” लैंडिंग पुँछ के मंडी इलाके में होने की बात मीडिया में कही जा रही है

जब यह घटना हुई, तो लेफ्टिनेंट जनरल सिंह 16 कॉर्प्स एरिया ऑफ़ ऑपरेशन्स की एक फॉरवर्ड लोकेशन से वापिस लौट रहे थे। यह नियंत्रण रेखा (एलओसी) के बहुत ही पास का इलाका है।

लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह को 2016 में उड़ी हमले की जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में हुई सीमित सैन्य कार्रवाई (सर्जिकल स्ट्राइक) का अहम हिस्सा माना जाता है। वही इस ऑपरेशन का चेहरा भी थे। इसके अलावा सेना के सूत्रों के हवाले से समाचार एजेंसी ANI की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कुछ साल पहले भी लेफ्टिनेंट जनरल सिंह से जुड़ा कोई हेलीकॉप्टर हादसा हो चुका है।

सेना के सूत्रों के मुताबिक चॉपर को उड़ाने वाले पायलट लेफ्टिनेंट कर्नल नाम्बियार थे। उनके को पायलट एक नेवी से सेना में डेपुटेशन पर आए अधिकारी थे जिनका नाम अभी तक पता नहीं चल पाया है। दोनों पायलटों में से एक को चोटें आने की बात कही जा रही है।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में स्थानीय पुलिस के सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि पायलटों के अलावा एक सिविलियन भी घायल हुआ है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

उमर खालिद की ‘कुर्बानी’ का जश्न मनातीं आरफा खानम, ताहिर हुसैन के लिए भी बहाए थे आँसू: अपने ‘पोस्टर बॉय’ के लिए अदालत पर...

उमर खालिद से ताहिर हुसैन तक, ‘पोस्टर बॉय’ पॉलिटिक्स कैसे काम करती है? आरफा खानम के बयान, अदालतों पर सवाल और सुनवाई में देरी के दावों की पड़ताल।

फर्जी Video, झूठे आरोप, हमले और नफरती बयान… काँवड़ यात्रा को बदनाम करने के लिए वामपंथी-कट्टरपंथी और मीडिया कैसे फैलाते हैं भ्रम, पढ़ें- पूरा...

कैसे काँवड़ यात्रा को लेकर कट्टरपंथी, वामपंथी, बिकाऊ मीडिया सुनियोजित तरीके से निशाना बनाती और त्योहारों को बदनाम करने के लिए भ्रम फैलाती।
- विज्ञापन -