Wednesday, June 29, 2022
Homeरिपोर्टराष्ट्रीय सुरक्षाजाकिर नाइक की ₹50 करोड़ की संपत्ति ED द्वारा जब्त

जाकिर नाइक की ₹50 करोड़ की संपत्ति ED द्वारा जब्त

कुछ महीने पहले नाइक ने हिंदुस्तान की सरकार पर आरोप लगाते हुए यह भी दावा किया था कि उसे फँसाने के लिए हिन्दुस्तानी सरकार इंटरपोल पर उसके खिलाफ रेड कार्नर नोटिस जारी करने के लिए दबाव बना रही है।

दो समुदायों के बीच नफरत पैदा करने और आतंकवादी गतिविधियों में हिस्सा लेने के लिए युवकों को उकसाने जैसे गंभीर आरोपों का सामना कर रहे विवादास्पद इस्लामी प्रचारक जाकिर नाइक को झटका देते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लांड्रिंग निरोधी कानून के तहत उसके 50.46 करोड़ रुपए की संपत्ति को जब्त कर लिया है। ईडी ने जाकिर नाइक की 193.06 करोड़ रुपए की काली कमाई पहचान ली है। फिलहाल मलेशिया में रह रहे नाइक के खिलाफ यह मामला 22 दिसंबर 2016 को दर्ज किया गया था।

2017 में घोषित हुआ था अपराधी, 2016 में भारत छोड़ भागा था

जून 2017 में एनआइए की विशेष अदालत ने जाकिर नाइक को अपराधी घोषित किया था। शीर्ष आतंकरोधी एजेंसी ने 1 अक्टूबर 2017 को जाकिर नाइक के खिलाफ घृणा फ़ैलाने वाले भाषण देने, समुदायों के बीच दुश्मनी फ़ैलाने वाले भाषण देने, और लोगों को आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने के लिए उकसाने का भी आरोपपत्र दायर किया था। इससे पहले ही नाइक 2016 में हिंदुस्तान छोड़ भाग खड़ा हुआ था।

बांग्लादेश हमलावरों का था ‘प्रेरणास्रोत’

जाकिर नाइक भारत से तब भाग खड़ा हुआ जब 18 विदेशी नागरिकों समेत 29 लोगों को ढाका के आतंकी हमले (जुलाई 2016) में मारने वालों के प्रेरणास्रोत के तौर पर नाइक की ओर सूई घूमी। कुछ महीने पहले नाइक ने हिंदुस्तान की सरकार पर आरोप लगाते हुए यह भी दावा किया था कि उसे फँसाने के लिए हिन्दुस्तानी सरकार इंटरपोल पर उसके खिलाफ रेड कार्नर नोटिस जारी करने के लिए दबाव बना रही है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘इस्लाम ज़िंदाबाद! नबी की शान में गुस्ताखी बर्दाश्त नहीं’: कन्हैया लाल का सिर कलम करने का जश्न मना रहे कट्टरवादी, कह रहे – गुड...

ट्विटर पर एमडी आलमगिर रज्वी मोहम्मद रफीक और अब्दुल जब्बार के समर्थन में लिखता है, "नबी की शान में गुस्ताखी बर्दाश्त नहीं।"

कमलेश तिवारी होते हुए कन्हैया लाल तक पहुँचा हकीकत राय से शुरू हुआ सिलसिला, कातिल ‘मासूम भटके हुए जवान’: जुबैर समर्थकों के पंजों पर...

कन्हैयालाल की हत्या राजस्थान की ये घटना राज्य की कोई पहली घटना भी नहीं है। रामनवमी के शांतिपूर्ण जुलूसों पर इस राज्य में पथराव किए गए थे।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
200,225FollowersFollow
416,000SubscribersSubscribe