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चीन के 200 फौजी खाली बंकर तोड़ने आए थे, भारतीय सेना ने खदेड़ा: रिपोर्ट में दावा- हिरासत में लेने के बाद छोड़े कई चीनी

भारत-चीन सीमा का औपचारिक रूप से सीमांकन नहीं किया गया है। दोनों देशों की सीमा रेखा परसेप्शन पर आधारित है जिसमें अंतर बताया जा रहा है। दोनों देश अपनी-अपनी धारणा के मुताबिक वहाँ गश्त लगाते हैं।

अरुणाचल प्रदेश के तवांग में कुछ दिन पहले चीन के फौजियों की घुसपैठ को भारतीय सेना ने नाकाम करके बड़ी सफलता हासिल की थी। न्यूज 18 की एक्सक्लूसिव खबर में सरकारी सूत्रों के हवाले से कहा गया कि चीन के 200 फौजी तिब्बत के रास्ते भारत में घुसे और खाली बंकरों को नुकसान पहुँचाने का प्रयास किया। इसके बाद भारतीय सेना ने उनमें से कुछ सैनिकों को हिरासत में भी ले लिया।

घटना पिछले हफ्ते LAC (लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल) के करीब बुम ला और यांग्त्से के सीमा दर्रे के बीच हुई थी। जहाँ चीनी घुसपैठ का भारतीय सैनिकों ने जमकर कड़ा विरोध किया और कुछ PLA सैनिकों को अपनी हिरासत में भी ले लिया।

न्यूज 18 को सरकारी सूत्र ने जानकारी दी कि मामले को बाद में स्थानीय सैन्य कमांडरों के स्तर पर सुलझाया गया। चीनी सैनिकों को रिहा कर दिया गया और स्थिति सामान्य हुई। पूरी घटना पर अभी सेना की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है। लेकिन, रक्षा और सुरक्षा सूत्रों ने समाचार साइट को बताया कि भारतीय सुरक्षा बलों को कोई नुकसान नहीं हुआ है।

खबर में बताया गया है कि भारत-चीन सीमा का औपचारिक रूप से सीमांकन नहीं किया गया है। दोनों देशों की सीमा रेखा परसेप्शन पर आधारित है जिसमें अंतर बताया जा रहा है। दोनों देश अपनी-अपनी धारणा के मुताबिक वहाँ गश्त लगाते हैं। फिर दोनों देशों के बीच किसी तरह की असहमति या टकराव का प्रोटोकॉल के हिसाब से शांतिपूर्ण समाधान निकाला जाता है। 

इससे पहले उत्तराखंड के बाराहोती इलाके में चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के करीब 100 जवानों ने एलएसी का उल्लंघन किया था। वह 30 अगस्त को भारतीय सीमा में घुसे थे लेकिन फिर चले भी गए थे। अब इलाके में भारत तिब्बत सीमा पुलिस के जवान तैनात हैं।

मालूम हो कि क्षेत्र में चीनी घुसपैठ कोई नई बात नहीं है। 2016 में, 200 से अधिक चीनी सैनिकों ने यांग्त्से में एलएसी के भारतीय क्षेत्र में कथित तौर पर घुसपैठ की थी, लेकिन उस समय भी वो कुछ घंटों में वापस चले गए थे। उससे पहले 2011 में, चीनी सैनिकों ने एलएसी के भारतीय हिस्से में 250 मीटर लंबी दीवार को तोड़ने की कोशिश की थी और इसे क्षतिग्रस्त कर दिया था, जिसके बाद भारत ने चीन के सामने विरोध भी दर्ज कराया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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