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मैं मुजाहिद्दीन का काम करता हूँ, लश्कर के साथ हूॅं: आतंकियों के कबूलनामे का वीडियो सेना ने जारी किया

लेफ़्टिनेंट जनरल ने बताया, "शांति को बाधित करने के लिए पाकिस्तान घाटी में आतंकवादियों की घुसपैठ कराने की कोशिश कर रहा है। 21 अगस्त को हमने दो पाकिस्तानी नागरिकों को गिरफ़्तार किया जो लश्कर से जुड़े हैं।"

भारतीय सेना के हाथों एक बड़ी क़ामयाबी लगी है। बुधवार (4 सितंबर) को सेना ने बताया कि पाकिस्तान के दो आतंकियों को जिंदा पकड़ने में कामयाबी मिली है। आतंकियों का संबंध लश्कर-ए-तैयबा से है। इनके कबूलनामे का वीडियो भी सेना ने जारी किया है।

सेना के कमांडर लेफ़्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लन और जम्मू-कश्मीर के पुलिस एडीजी मुनीर ख़ान ने बताया कि दोनों घाटी में अशांति फैलाने की फ़िराक में थे। दोनों को 21 अगस्त को गिरफ़्तार किया गया था।

सेना द्वारा जारी वीडियो में आप देख सकते हैं कि खलील स्वीकार करता है, “मैं मुजाहिद्दीन का काम करता हूँ, लश्कर-ए-तैयबा के साथ हूँ।” खलील ने बताया कि उसने काचरबेन में एक हफ़्ते की ट्रेनिंग ली थी। वीडियो में उसने अपने कई अन्य साथियों का भी नाम लिया जो लश्कर से जुड़े हैं।  

वहीं, दूसरे आतंकी ने अपना नाम नज़ीम बताया जो पाकिस्तान के रावलपिंडी का निवासी है। उसने भी क़बूला कि वो लश्कर से जुड़ा हुआ है। उसने बताया कि उसे और खलील को मिलकर पाकिस्तानी फ़ौज की मदद से भारत में घुसपैठ करनी थी। 

मीडिया को संबोधित करते हुए लेफ़्टिनेंट जनरल ने बताया,

“घाटी में शांति को बाधित करने के लिएपाकिस्तान आतंकवादियों की घुसपैठ कराने की कोशिश कर रहा है। 21 अगस्त को हमने दो पाकिस्तानी नागरिकों को गिरफ़्तार किया जो लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े हैं।”

उन्होंने इस बात की भी जानकारी दी कि दोनों आतंकी लश्कर के एक बड़े ग्रुप की मदद के लिए घाटी में घुसे थे।

अपने आतंकी मंसूबों को पूरा करने के लिए पाकिस्तान नई साज़िश रच रहा है। घाटी और उसके बाहर भारत के अलग-अलग हिस्सों में रक्तपात की इस साजिश को अंजाम देने की फिराक में बदनाम खुफिया एजेंसी आईएसआई जुटा है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जैश और लश्कर की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पोल खुलने के कारण आईएसआई ने एक नए नाम से आतंकी संगठन तैयार किया है। इसका नाम अल-उमर-मुजाहिद्दीन (AUM) है। इसका अगुआ मुश्ताक अहमद जरगर उर्फ मुश्ताक लातराम है।

सूत्र के हवाले से बताया गया है कि आईएसआई चाहता है कि भारतीय सेना मजबूर होकर निहत्थे लोगों पर गोली चलाए ताकि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान के प्रोपगेंडा को मजबूती मिल सके। सूत्रों के मुताबिक इसी कड़ी में फेक तस्वीरें और न्यूजों को भी योजनाबद्ध तरीके से फैलाया जा रहा है।

गौरतलब है कि पाकिस्तान के प्रोपगेंडा को अभी तक दुनिया में किसी ने समर्थन नहीं दिया है। सभी मुल्कों ने कश्मीर को भारत का आंतरिक मसला बताया है। इससे पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। इस बौखलाहट में उसके प्रधानमंत्री इमरान खान परमाणु जंग की धमकी भी दे चुके हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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