Monday, April 22, 2024
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कश्मीरियों को सड़क, पानी नहीं चाहिए, इंडियन आर्मी को भगाएँगे: हिजबुल मुजाहिदीन की ‘ऑडियो धमकी’

हिजबुल कमांडर ने कहा, "भारत सरकार ने इन नेताओं का ‘यूज एंड थ्रो’ किया। दुनिया कश्मीर के घटनाक्रमों को देख रही है, भारतीय सेनाओं को कश्मीर छोड़ना होगा जैसे अमेरिका अफगानिस्तान से बाहर निकल गया।"

जम्मू कश्मीर के अधिकारियों द्वारा घाटी में सोशल मीडिया के उपयोग या दुरुपयोग का मूल्यांकन करने के दो दिन पहले पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन ने अपना पहला ऑडियो क्लिप जारी किया। अधिकारियों द्वारा 4 मार्च को घाटी में मोबाइल यूजर्स के लिए सोशल मीडिया के उपयोग पर प्रतिबंध हटाए जाने के बाद से यह पहला ऑडियो है।

16 मिनट के इस ऑडियो क्लिप में, हिजबुल चीफ कमांडर रियाज नाइकू को अपने कैडरों को उत्तेजित करते हुए सुना जा सकता है। वह अपने कैडरों से कहता है कि अनुच्छेद 370 को निरस्त करने से भारतीय सुरक्षा बलों के खिलाफ उनकी लड़ाई में कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा और उनका संगठन भारतीय अर्धसैनिक बलों और सेनाकर्मियों को निशाना बनाना जारी रखेगा।

इस क्लिप में हिजबुल का प्रमुख कमांडर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान का सीधा संदर्भ देता है और जम्मू-कश्मीर के लोगों से कश्मीर के लिए पीएम मोदी की विकास नीतियों को वापस लौटाने के लिए कहता है। सुरक्षा बलों द्वारा टॉप 10 वॉन्टेड आतंकवादियों में से एक रियाज नाइकू कहता है, “सड़क, पानी, सोशल मीडिया हमारे लक्ष्य नहीं हैं… भारत अनुच्छेद 370 और सोशल मीडिया प्रतिबंध जैसे विभिन्न ट्रिक्स का उपयोग करके इसके डेमोग्राफी को बदलना चाहता है। यह पाकिस्तान और कश्मीर को हथियार उठाने के लिए मजबूर करता है। लेकिन हम अभी भी लड़ेंगे।”

इसके साथ ही ऑडियो में नाइकू हाल ही में रिहा हुए प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला का उदाहरण देते हुए उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती का भी उल्लेख करता है। हिजबुल प्रमुख कमांडर ने कहा कि भारत सरकार ने इन राजनेताओं का ‘यूज एंड थ्रो’ किया। उसने आगे कहा कि दुनिया कश्मीर के घटनाक्रमों को देख रही है और भारतीय सेनाओं को कश्मीर छोड़ना होगा जैसे अमेरिका अफगानिस्तान से बाहर निकल गया।

यह ऑडियो जम्मू और कश्मीर के अधिकारियों द्वारा घाटी में सोशल मीडिया के उपयोग या दुरुपयोग का मूल्यांकन करने के दो दिन पहले आया था। अधिकारियों ने 4 मार्च को सोशल मीडिया का उपयोग बहाल करते हुए, 17 मार्च को सेवाओं को बहाल करने की व्यावहारिकता का मूल्यांकन करने के लिए एक समय सीमा निर्धारित की थी। कल यह तय किया जाएगा कि सोशल मीडिया पर प्रतिबंध 17 मार्च के बाद जारी रहेगा या फिर हटा लिया जाएगा।

13 फरवरी को जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने पाकिस्तान प्रायोजित अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी के स्वास्थ्य के बारे में अफवाहों को रोकने के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को निलंबित कर दिया था। कुछ सोशल मीडिया पोस्ट ने 90 वर्षीय गिलानी की तबीयत खराब होने का झूठा दावा किया था। 17 फरवरी को कश्मीर साइबर पुलिस ने घाटी में सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर एक FIR दर्ज किया था।

सुरक्षा अधिकारियों ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हालाँकि ऑडियो प्रभाव ज्यादा नहीं है, लेकिन अगर आतंकियों द्वारा इसी तरह से सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया जाता रहेगा तो सुरक्षा के मद्देनजर इसे बंद करना होगा। वहीं कश्मीर के आईजी ने हिजबुल चीफ कमांडर रियाज नाइकू की धमकियों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “हमने नाइकू को अनंतनाग के रूप में जवाब दिया है, जहाँ हिजबुल और लश्कर दोनों के चार शीर्ष आतंकवादी ढेर हो गए हैं।”

बता दें कि हिजबुल चीफ कमांडर रियाज नाइकू पुलवामा का एक A++ श्रेणी का आतंकवादी है। इसके साथ ही वह भारतीय सुरक्षा बलों द्वारा वॉन्टेड शीर्ष 10 आतंकवादियों में से एक है। नाइकू 2012 से 2020 के बीच एक दर्जन से अधिक नागरिकों, पुलिस और विशेष पुलिस अधिकारियों की हत्या और अपहरण के लिए वॉन्टेड है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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