Tuesday, July 23, 2024
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बौद्ध आस्था के केंद्र हों या तालाब… हर जगह मजार: श्रावस्ती में घरों की छत पर लहरा रहे इस्लामी झंडे, OpIndia Ground Report

सड़क से सटा गोपियापुर का मदरसा। मदरसे से लगी एक चाय दुकान। उसी दुकान पर बैठे एक व्यक्ति कहते हैं, "जितना सड़क पर दिख रहा है, उसका कई गुना अंदर गाँवों में दिखेगा।" दूसरे व्यक्ति का कहना है, "इसी जिले के भिनगा क्षेत्र में जाएँगे तो इससे अधिक मस्जिद और मदरसे दिखाई देंगे।"

हाल में कई रिपोर्टें आई हैं जो बताती हैं कि नेपाल-भारत सीमा पर तेजी से डेमोग्राफी में बदलाव हो रहा है। मस्जिद-मदरसों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जमीनी हालात का जायजा लेने के लिए 20 से 27 अगस्त 2022 तक ऑपइंडिया की टीम ने सीमा से सटे इलाकों का दौरा किया। हमने जो कुछ देखा, वह सिलसिलेवार तरीके से आपको बता रहे हैं। इस कड़ी की चौथी रिपोर्ट;

उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले में बौद्धों के आस्था केंद्रों के पास दरगाह और मजारों का होना सामान्य है। अंगुलीमाल गुफा के आसपास के कई गाँव मुस्लिम बहुल हैं।

यह रिपोर्ट एक सीरीज के तौर पर है। इस पूरी सीरीज को एक साथ पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।

पुरैनिया गाँव में अर्ध निर्मित मजार और ईदगाह

अंगुलीमाल गुफा से लगभग 1 किलोमीटर दूर भिनगा रोड पर हाइवे से लगभग 100 मीटर दूर बाग़ में एक अर्धनिर्मित मज़ार दिखी। इमारत के निर्माण का काम पूरा चुका था और प्लास्टर का काम बाकी था। निर्माण कौन करवा रहा था, इसका जवाब देने के लिए मौके पर कोई मौजूद नहीं था।

पुरैनिया में अर्ध निर्मित इबादतगाह

इस इबादतगाह से करीब आधा किलोमीटर आगे बढ़ने पर एक ईदगाह दिखी। यह ईदगाह मुख्य हाईवे से गाँव को जोड़ने वाले लिंक रोड से सटी हुई है। ईदगाह में लगभग 200 लोगों के एक साथ जमा होने की क्षमता है। ईदगाह को पक्की बॉउंड्री से घेरकर मुख्य द्वार पर लोहे का गेट लगा हुआ है।

सड़क के पास बनी ईदगाह

ग्राम पंचायत के तालाब पर भी मज़ार

श्रावस्ती के ही इकौना क्षेत्र में आने वाले गाँव पंचायत कटरा में हमने देखा कि जल संचयन के लिए मनरेगा के माध्यम से बने तालाब पर भी मज़ार बननी शुरू हो गई है। तालाब के बाँध पर कर्बला की आकृति बना उसे सीमेंट से पक्का कर दिया गया है। उस जगह पर इस्लामी झंडे भी लगे थे।

तालाब के बंधे पर बनी मज़ार

ग्राम पंचायत कटरा के जिस सर्वजनिक तालाब के बाँध पर मजार बन रही है, उसका निर्माण शासकीय योजना के अंतर्गत हुआ था। तालाब में पानी नाममात्र का था और उसमें हमें कई ताजिया फेंकी मिली। यह तालाब मुख्य हाईवे से अधिकतम 100 मीटर अंदर की तरफ है जो कटरा गाँव की कनेक्टेड सड़क पर है।

सर्वजनिक तालाब में फेंकी गई ताजिया के अवशेष

खंभों पर अयूब खान

श्रावस्ती जिले में बने हाईवे पर आगे बढ़ते हुए हमने राजनैतिक तौर पर सबसे अधिक डॉक्टर अयूब खान के बोर्ड देखे। ये बोर्ड हाइवे से सटे बिजली के खंभों पर लगे हुए थे। इन बोर्डों में सम्पूर्ण स्वराज्य रैली का आह्वान किया गया था। ये बोर्ड बलरामपुर जिले की सीमाओं से ले कर भिनगा तक लगभग 20 किलोमीटर के क्षेत्रों में लगे दिखाई दिए।

अयूब खान के बोर्ड

गौरतलब है कि डॉक्टर अयूब को भड़काऊ पर्चे बाँटने के आरोप में UP पुलिस 1 अगस्त 2021 को गिरफ्तार किया था। अक्टूबर 2021 में उन्हें जमानत मिली थी।

गोपियापुर में एक साथ कई कर्बला

श्रावस्ती से हाईवे के रास्ते बलरामपुर लौटते हुए हमें गोपियापुर नाम की जगह दिखाई दी। इस जगह पर सड़क के एकदम बगल में इस्लामी झंडे लगे हुए थे। कुछ झंडे हरे रंग के थे और कुछ लाल रंग। यहाँ हमें सड़क से सटे कम से कम 3 पक्के निर्माण दिखे, जिन्हें हरे रंग से रंगा गया था। स्थानीय लोगों से बताया कि यह कर्बला है।

गोपियापुर में बने कर्बला और टूटे ताज़िया

घरों पर इस्लामी झंडे, दरगाह और मदरसा

भले ही उस समय देश आज़ादी का 75वां साल मनाया रहा हो लेकिन गोपियापुर के पास सड़क के किनारे बने कई घरों पर इस्लामी झंडे फहराते दिखाई दिए। इन घरों के नीचे आमीन मोबाइल और यादव ट्रेवल्स के बोर्ड लगे दिखे। हरे झंडे के बीच में एक तिरंगा भी लहरा रहा था।

छतों पर लहराते इस्लामी झंडे

श्रावस्ती जाने वाले मुख्य हाईवे पर गोपियापुर के ही पास सड़क से सटी हुई एक दरगाह दिखी। इस दरगाह के आसपास चादरें बिक रहीं थीं और कई लोग जमा थे।

सड़क के किनारे बनी एदरगाह

इस दरगाह से महज 200 मीटर और आगे श्रावस्ती की तरफ बढ़ते ही सड़क से सटा एक मदरसा दिखाई दिया। मदरसे में काले रंग का गेट लगा हुआ था और बाहर अरबी भाषा में कुछ शब्द लिखे हुए थे।

गोपियापुर का मदरसा

मदरसे के पास ही चाय की दुकान पर एक व्यक्ति ने हमें बताया कि जितना आपको सड़क पर दिख रहा है, उसका कई गुना अंदर गाँवों में दिखेगा। एक अन्य व्यक्ति ने कहा कि अगर आप इसी जिले के भिनगा क्षेत्र में जाएँगे तो आपको इससे अधिक मस्जिद और मदरसे दिखाई देंगे।

पढ़ें पहली रिपोर्ट : कभी था हिंदू बहुल गाँव, अब स्वस्तिक चिह्न वाले घर पर 786 का निशान: भारत के उस पार भी डेमोग्राफी चेंज, नेपाल में घुसते ही मस्जिद, मदरसा और इस्लाम – OpIndia Ground Report

पढ़ें दूसरी रिपोर्ट : घरों पर चाँद-तारे वाले हरे झंडे, मस्जिद-मदरसे, कारोबार में भी दखल: मुस्लिम आबादी बढ़ने के साथ ही नेपाल में कपिलवस्तु के ‘कृष्णा नगर’ पर गाढ़ा हुआ इस्लामी रंग – OpIndia Ground Report

पढ़ें तीसरी रिपोर्ट : नेपाल में लव जिहाद: बढ़ती मुस्लिम आबादी और नेपाली लड़कियों से निकाह के खेल में ‘दिल्ली कनेक्शन’, तस्कर-गिरोह भारतीय सीमा पर खतरा – OpIndia Ground Report

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राहुल पाण्डेय
राहुल पाण्डेयhttp://www.opindia.com
धर्म और राष्ट्र की रक्षा को जीवन की प्राथमिकता मानते हुए पत्रकारिता के पथ पर अग्रसर एक प्रशिक्षु। सैनिक व किसान परिवार से संबंधित।

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