Homeरिपोर्टराष्ट्रीय सुरक्षाआतंक की अम्मी नसीमा बानो: बेटा था हिज्बुल कमांडर, भाई भी आतंकवादी, युवाओं को...

आतंक की अम्मी नसीमा बानो: बेटा था हिज्बुल कमांडर, भाई भी आतंकवादी, युवाओं को थमाती थी हथियार

नसीमा बानो की गिरफ्तारी के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर आतंक के हमदर्दों और इस्लाममवादियों का दर्द छलकने लगा। उनका कहना है कि बंदूकधारी जिहादी निर्दोष महिला और वह ‘हमारे समर्थन की हकदार’ है।

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आज (जून 28, 2020) हिजबुल मुजाहिदीन के मारे गए आतंकी तौसीफ की अम्मी नसीमा बानो को गिरफ्तार किया। उसे युवाओं की भर्ती करने और आतंकवाद संबंधित अन्य गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

बता दें कि तौसीफ हिजबुल मुजाहिदीन कमांडर था। उसे 2018 में सुरक्षाबलों ने मार गिराया था। पत्रकार आदित्य राज कौल ने बताया कि तौसीफ की अम्मी होने के साथ ही नसीमा बानो सक्रिय आतंकवादी अब्बास शेख की बहन भी है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, नसीमा बानो अब्दुल सलाम शेख की बीबी है और रामपोरा काइमोह की रहने वाली है। उसके घर पर 20 जून को छापा मारा गया था, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। दक्षिणी कुलगाम में युवाओं को आतंकवादी बनने के लिए प्रेरित करने के आरोप में नसीमा बानो के खिलाफ यूएपीए की धारा 13 बी, 17, 18, 18 बी, 19 और 39 के तहत FIR दर्ज किया गया है।

नसीमा बानो की गिरफ्तारी के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर आतंक के हमदर्दों और इस्लाममवादियों का दर्द छलकने लगा। उनका कहना है कि बंदूकधारी जिहादी निर्दोष महिला और वह ‘हमारे समर्थन की हकदार’ है।

इस्लामवादियों और आतंकी हमदर्दों ने बानो को अपना समर्थन भी दिया।

कट्टरपंथियों ने ना सिर्फ नसीमा बानो के समर्थन में आवाज बुलंद की, बल्कि उसके आतंकवादी बेटे को भी सलाम किया।

जानकारी के मुताबिक नसीमा बानो की बंदूक के साथ तस्वीर तब ली गई थी, जब वह दक्षिण कश्मीर के एक ठिकाने पर अपने आतंकवादी बेटे तौसीफ से मिलने गई थी। तस्वीर क्लिक करने के कुछ हफ्तों बाद, उसके बेटे को सशस्त्र बलों ने मार गिराया गया था। नौजवानों को लुभाने और उन्हें भर्ती करने के अलावा, नसीमा दक्षिण कश्मीर में सक्रिय आतंकी संगठनों के लिए हथियार, गोला-बारूद, संचार और रसद की व्यवस्था करने में भी शामिल थी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

कब्रें बेचीं, हिंदुओं की संपत्ति वक्फ की और डिलीट कर दीं फाइल्स: UP के शिया वक़्फ बोर्ड में ₹1000 करोड़ के घोटाले का दावा,...

शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन के मुताबिक, पूरा घोटाला 1000 करोड रुपए का है। इसमें कुछ हिंदू और कथित बेनामी संपत्तियों को भी वक्फ संपत्ति के तौर पर दर्ज करने का मामला भी शामिल है।

जंतर-मंतर पर ‘बेटी चुप कराओ’, झारखंड में बेटियों का जिक्र तक नहीं: दो प्रदर्शनों में ‘द वायर’ का दो एजेंडा, केंद्र पर सवाल तो...

'द वायर' का एजेंडा साफ है। जंतर-मंतर प्रदर्शन में मोदी सरकार ने महिलाओं को टारेगट किया और झारखंड मसले पर अत्याचारों का जिक्र तक नहीं किया।
- विज्ञापन -