Homeरिपोर्टराष्ट्रीय सुरक्षापुलवामा सरगना के सहयोगी जैश आतंकी सज्जाद, मुजफ्फर के खिलाफ NIA ने फाइल की...

पुलवामा सरगना के सहयोगी जैश आतंकी सज्जाद, मुजफ्फर के खिलाफ NIA ने फाइल की चार्जशीट

NIA ने बताया कि तनवीर अहमद गनी और बिलाल अहमद मीर पुलवामा हमले के समान ही फिदायीन हमलों को अंजाम देना चाहते थे। सज्जाद अहमद खान के दो बड़े भाई भी जैश के आतंकवादी थे, जो सुरक्षा बलों के साथ दो अलग-अलग मुठभेड़ों में मारे गए थे।

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सदस्य सज्जाद अहमद खान समेत चार के खिलाफ चार्जशीट दायर किया है। एनआईए ने सोमवार (सितंबर 16, 2019) को दिल्ली की अदालत में चार्जशीट दायर कर उसमें दावा किया है कि गिरफ्तार आतंकी भारत के अलग-अलग शहरों में आतंकी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे। इन शहरों में देश की राजधानी दिल्ली का नाम भी शामिल था।

इस चार्जशीट में सज्जाद अहमद खान के अलावा तनवीर अहमद गनी, बिलाल अहमद मीर और मुजफ्फर अहमद भट का नाम शामिल है। सभी पुलवामा के रहने वाले हैं। एनआईए का कहना है कि सज्जाद और मुजफ्फर अहमद भट जम्मू-कश्मीर में 14 फरवरी को पुलवामा में हुए आतंकवादी हमले के सरगना मुदस्सिर अहमद खान का करीबी सहयोगी है। सज्जाद पर आरोप है कि पुलवामा अटैक में इसका बड़ा हाथ था। सज्जाद को दिल्ली की लाजपत राय मार्केट से पुलिस ने गिरफ्तार किया था।

एनआईए ने जैश के चारों सदस्यों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 120-B और 121A और अनलॉफुल एक्टीविटीज(प्रिवेंशन) एक्ट (यूएपीए) की अलग-अलग धाराओं के तहत आरोप पत्र दायर किया है। जाँच एजेंसी ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा कि मुदस्सिर खान पुलवामा आतंकी हमले के पीछे का मास्टरमाइंड था, जो कि मार्च में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारा गया था।

एनआईए ने बताया कि तनवीर अहमद गनी और बिलाल अहमद मीर पुलवामा हमले के समान ही फिदायीन हमलों को अंजाम देना चाहते थे। सज्जाद अहमद खान के दो बड़े भाई भी जैश के आतंकवादी थे, जो सुरक्षा बलों के साथ दो अलग-अलग मुठभेड़ों में मारे गए थे। दोनों भाईयों की मौत के बाद सज्जाद जैश ए मोहम्मद में शामिल हो गया और फिर दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में जैश के सदस्यों को प्रशिक्षित करने लगा। जाँच एजेंसी ने कहा कि तीनों भाई पहले पत्थरबाजी करने में शामिल थे।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

आतंकियों तक आधार पहुँचाने की साजिश किसकी? MP के ‘क्लोन Aadhar मशीन’ मामले ने बढ़ाई चिंता, अन्य राज्यों में भी फर्जी पंजीकरण के नेटवर्क...

मध्य प्रदेश के क्लोन आधार मशीन मामले के बाद जानिए, क्या दूसरे राज्यों में भी आधार पंजीकरण में ऐसी गड़बड़ियाँ सामने आई हैं।

बीमारी के बहाने निशाने पर भारत… BBC ने ’38 परजीवी’ के सहारे 19 साल पुरानी घटना पर किया बदनाम: पढ़ें- कैसे पश्चिमी मीडिया ने...

BBC ने रिपोर्ट में लिखा कि भारत घूमने आई महिला के दिमाग में 38 परजीवी मिले। यह दावा न तो मेडिकल साइंस के हिसाब से सही और न इसमें कोई सच्चाई।
- विज्ञापन -