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लक्षद्वीप के आइलैंड को रक्षा कामों में लेगी मोदी सरकार, पूरा द्वीप किया ट्रांसफर: कॉन्ग्रेस MP हमदुल्ला सईद कर रहा विरोध, जानिए क्यों हिन्द महासागर में स्थित जमीन का यह टुकड़ा इतना महत्वपूर्ण

भारत सरकार जिस द्वीप का अधिग्रहण करने जा रही है उसका नाम बित्रा है। यह लक्षद्वीप द्वीप समूह के 10 बसे हुए आबादी वाले द्वीपों में से एक है। इसको लेकर लक्षद्वीप प्रशासन ने 11 जुलाई 2025 को एक नोटिफिकेशन जारी किया है।

भारत सरकार लक्षद्वीप समूह के एक द्वीप का रक्षा उद्देश्यों के लिए अधिग्रहण करने जा रहा है। इसके लिए भारत सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर दी है। यह द्वीप राष्ट्रीय सुरक्षा के नजरिए से बेहद महत्वपूर्ण है। हालाँकि, कॉन्ग्रेस का एक सांसद अब इस प्रोजेक्ट के विरोध में उतर आया है।

टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत सरकार जिस द्वीप का अधिग्रहण करने जा रही है उसका नाम बित्रा है। यह लक्षद्वीप द्वीप समूह के 10 बसे हुए आबादी वाले द्वीपों में से एक है। इसको लेकर लक्षद्वीप प्रशासन ने 11 जुलाई 2025 को एक नोटिफिकेशन जारी किया है।

राजस्व विभाग ने बताया है कि बित्रा द्वीप को रक्षा उद्देश्यों के लिए अधिग्रहित किया जा रहा है। सरकार अब सोशल इम्पैक्ट असेसमेंट (SIA) करेगी, ताकि इस अधिग्रहण के प्रभावों का पता चल सके।

लक्षद्वीप के 10 बसे हुए द्वीपों में से एक बित्रा द्वीप को सरकार रक्षा उद्देश्यों के लिए अपने इस्तेमाल में लेगी। इस छोटे से द्वीप पर करीब 105 परिवार रहते हैं। नोटिफिकेशन के मुताबिक, बित्रा द्वीप की रणनीतिक अहमियत और राष्ट्रीय सुरक्षा के कारण यह फैसला लिया गया है।

लक्षद्वीप के कॉन्ग्रेसी सांसद हामदुल्ला सईद ने सरकार के इस कदम का विरोध कर आरोप लगाया कि सरकार ने स्थानीय लोगों से कोई सलाह नहीं ली और यह इलाके में शांति भंग करने की कोशिश है। हामदुल्ला सईद इस फैसले के खिलाफ राजनीतिक और कानूनी लड़ाई लड़ने की बात कह रहा है।

बित्रा द्वीप महत्वपूर्ण क्यों?

बित्रा द्वीप लक्षद्वीप का सबसे छोटा बसा हुआ द्वीप है। बित्रा द्वीप का कुल एरिया केवल 0.105 वर्ग किलोमीटर है। यह 0.57 किलोमीटर लंबा और सबसे चौड़े हिस्से में 0.28 किलोमीटर चौड़ा है। यह द्वीप कोच्चि से 483 किलोमीटर (261 नॉटिकल मील) दूर है।

बिट्रा द्वीप 1835 तक समुद्री पक्षियों के लिए एक प्रजनन स्थल था। किलटन और चेटलाट के लोग यहाँ शिकार करने आते थे। आश्चर्य की बात यह है कि बित्रा द्वीप पहले एक विरान और बंजर था। 1945 के आसपास यहाँ एक महिला अपने बेटे के साथ आई थी, जिसके बाद धीरे-धीरे यहाँ की आबादी बढ़ने लगी।

मिनिकॉय द्वीप पर नया ‘दोहरे उद्देश्य वाला’ एयरपोर्ट

भारत सरकार ने 18 जुलाई 2024 को लक्षद्वीप के मिनिकॉय द्वीप पर नया एयरपोर्ट बनाने की मंजूरी दी थी। यह एयरपोर्ट सेना (वायुसेना, नौसेना, कोस्ट गार्ड) और आम नागरिकों दोनों के लिए इस्तेमाल होगा।

मिनिकॉय द्वीप की लोकेशन बहुत खास है, क्योंकि यह मालदीव से सिर्फ 50 मील दूर है। इससे भारतीय सेना को अरब सागर और हिंद महासागर पर निगरानी रखने में मदद मिलेगी। अभी लक्षद्वीप में सिर्फ अगत्ती द्वीप पर ही एयरपोर्ट है।

नया एयरपोर्ट बनने से टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी और नौकरियाँ मिलेंगी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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