गला दबने से हुई रोहित शेखर की मौत: पोस्टमार्टम रिपोर्ट, पुलिस ने दर्ज किया हत्या का मामला

जाँच में मेडिकल इंस्टीट्यूट के 5 वरिष्ठ डॉक्टर शामिल थे जिन्होंने इस पूरी जाँच का वीडियो भी बनाया है। पाँचों डॉक्टरों का यही कहना है कि रोहित की मौत गला दबाने से हुई है।

यूपी और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी के बेटे रोहित शेखर की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत में कल (अप्रैल 19, 2019) एक नया खुलासा हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मालूम चला कि उनकी मौत हॉर्ट अटैक से नहीं, बल्कि गला, मुँह और नाक दबने के कारण हुई है। जिसके बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि रोहित को पहले नशीला पदार्थ दिया गया, उनके बेसुध होने पर उनकी हत्या कर दी गई।

गुरुवार (अप्रैल 18, 2019) को पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मामला क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया। क्राइम ब्राँच ने आईपीसी धारा 302 के तहत इस मामले को हत्या का केस दर्ज किया। इसके बाद पुलिस रोहित के घर मामले की जाँच करने पहुँची। यहाँ क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने रोहित के सौतेले भाई और नौकरों से पूछताछ की।

इंडियन एक्सप्रेस में छपी रिपोर्ट के अनुसार एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि रोहित की मौत 16 अप्रैल की देर रात 2 (अस्पताल लाने से 14 घंटे पहले) बजे हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में रोहित की गर्दन की दो हड्डियाँ टूटी हैं। इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में एम्स के फॉरेंसिक विभाग के हेड सुधीर गुप्ता ने बताया कि रोहित की मौत प्राकृतिक नहीं है। इस जाँच में मेडिकल इंस्टीट्यूट के 5 वरिष्ठ डॉक्टर शामिल थे जिन्होंने इस पूरी जाँच का वीडियो भी बनाया है। जाँच के बाद पाँचों डॉक्टरों का यही कहना है कि रोहित की मौत गला दबाने से हुई है।

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गौरतलब है कि शेखर को दिल्ली के साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में मृत घोषित किया गया, लेकिन अस्पताल ने अपने कागज़ों में उनकी मौत के कारण का खुलासा नहीं किया था। बता दें कि दिल्ली पुलिस के संयुक्त कमिश्नर देवेश श्रीवास्तव के मुताबिक मंगलवार को दिन में रोहित की नाक से अचानक खून बहने लगा था। उनकी माँ उज्ज्वला पहले ही अपनी मेडिकल जाँच के लिए किसी अस्पताल में भर्ती थीं और रोहित घर पर अकेले थे। उन्हें एम्बुलेंस से आनन-फानन में मैक्स अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

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