Homeरिपोर्टमीडिया'चिदंबरम चोर है' कहने पर कॉन्ग्रेसियों ने पीटा; 'चलो, किसी के लिए तो ख़ून...

‘चिदंबरम चोर है’ कहने पर कॉन्ग्रेसियों ने पीटा; ‘चलो, किसी के लिए तो ख़ून खौला’-The Hindu की संपादक का बयान

द हिंदू की पॉलिटिकल एडिटर, निस्तुला हेब्बर को यह बात अच्छी नहीं लगी और उन्होंने पद्मजा जोशी के ट्वीट पर पलटवार करते हुए लिखा, “चलो, किसी के लिए तो ख़ून खौला! पॉलिटिकल पार्टी होने का एहसास तो हुआ।”

यदि मुख्यधारा के मीडिया के पत्रकारों की बात की जाए, तो वो भी किसी राजनीतिक दल से कम नहीं होता। ग़ौरतलब है कि INX मीडिया घोटाले में पी चिदंबरम की संलिप्तता के चलते उन्हें CBI और ED ने हिरासत में लिया था। इस दौरान उनके आवास पर कई कॉन्ग्रेस कार्यकर्ता भी इकट्ठे थे। टाइम्स नाउ की पत्रकार पद्मजा जोशी ने कल (21 अगस्त) रात ट्वीट किया कि एक व्यक्ति जो ‘चिदंबरम चोर है’ चिल्ला रहा था, कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं ने उसकी पिटाई कर दी।

लोकसभा चुनाव के दौरान, तत्कालीन कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने भी राफ़ेल डील को लेकर पीएम मोदी की छवि धूमिल करने के लिए ‘चौकीदार चोर है’ के जुमले को ख़ूब भुनाया था, जबकि इस डील की हक़ीक़त सबके सामने आ चुकी थी जब मोदी सरकार ने नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट संसद में पेश की थी। तब यह बात स्पष्ट हो गई थी कि UPA के मुक़ाबले NDA के शासनकाल में 2.86% सस्ती डील फाइनल की गई थी। पीएम मोदी ने कॉन्ग्रेस के ‘चौकीदार चोर है’ के हमले का पलटवार करते हुए ‘मैं भी चौकीदार’ अभियान शुरू किया, जहाँ उन्होंने कहा कि कुलीन वर्ग हमेशा मेहनतकश लोगों का मज़ाक उड़ाता आया है। अब बारी ‘चिदंबरम चोर है’ की है जिसका अभी विस्तार होना बाक़ी है।

हालाँकि, द हिंदू की पॉलिटिकल एडिटर, निस्तुला हेब्बर को यह बात अच्छी नहीं लगी और उन्होंने पद्मजा जोशी के ट्वीट का पलटवार करते हुए लिखा, “चलो, किसी के लिए तो ख़ून खौला! पॉलिटिकल पार्टी होने का एहसास तो हुआ।”

निस्तुला हेब्बर को एक ट्विटर यूज़र ने आइना दिखाते हुए लिखा, “ऐसे ही कोई गौ तस्कर पकड़ में आ जाए और पीट दिया जाए तो ये मोहतरमा सबसे पहले असहिष्णु और मॉब लिंचिंग का रोना रोएँगी।”

हेब्बर ने अपने हिंसा के समर्थन वाले ट्वीट का बचाव यह कहकर किया कि उनके ट्वीट को ग़लत संदर्भ से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने यूज़र को जवाब में लिखा, “तुम्हारा दिमाग ख़राब है। यह टिप्पणी कॉन्ग्रेस की प्रतिक्रिया पर थी। इडियट।”

कुछ राजनेता पत्रकारों को ऐसा समझते हैं जैसे वो दूसरों की तुलना में अधिक ‘न्यूट्रल’ हों।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

केरल में एलोहिम ग्लोबल वर्शिप सेंटर के पादरी बिनु वझामुट्टोम पर नाबालिगों से मारपीट, बंधक बनाकर जबरदस्ती काम कराने के आरोप: ईसाई नेता के...

केरल के पथानामथिट्टा में BJP कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए पादरी बिनू वझामुट्टोम के गिरफ्तारी की माँग की है।

महरंग बलोच पर मलाला का मौन… अफगान महिलाओं के लिए मंच-मंच भाषण, लेकिन पाकिस्तानी फौज के बलोचों के दमन पर नोबेल विजेता खामोश क्यों?

दुनिया के कोने-कोने से मानवाधिकार का झंडा उठाने वाली नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मलाला पाकिस्तान में महरंग को उम्रकैद मिलने पर मौन बैठी है।
- विज्ञापन -