Homeबड़ी ख़बर'लगातार बढ़ते हमलों के बीच बड़ी कार्रवाई की जरूरत थी, जैश के कमांडर समेत...

‘लगातार बढ़ते हमलों के बीच बड़ी कार्रवाई की जरूरत थी, जैश के कमांडर समेत कई आतंकी ढेर’

"यह एक असैन्य कार्रवाई थी, जिसमें सिर्फ आतंकी संगठनों को निशाना बनाया गया है। हमने इसका ध्यान रखा कि किसी भी नागरिक की मौत ना हो।"

भारतीय विदेश मंत्रालय में टॉप IFS अधिकारी विदेश सचिव विजय गोखले ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी है कि नियंत्रण रेखा के पार बालाकोट में स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों पर भारत ने हवाई हमला कर उसे पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है।

श्री गोखले ने बताया कि जैश-ए-मोहम्मद की भारत पर और भी हमले करने की योजना थी जिसकी हमें पक्की सूचना मिली थी इसलिए नियंत्रण रेखा के पार जाकर ‘preemptive strike’ करना जरूरी हो गया था। भारत ने नियंत्रण रेखा के पार बालाकोट में जैश के सबसे बड़े ठिकाने पर हमला किया है जिसमें बड़ी संख्या में आतंकी और जैश के टॉप कमांडर मारे गए हैं। श्री गोखले ने यह भी कहा कि यह ऑपरेशन जंगल के भीतर स्थित आतंकी ठिकानों को लक्षित कर के ही किया गया था इसलिए कोई सिविलियन नहीं मारा गया है।

पाकिस्तान को जैश की आतंकी गतिविधियों के बारे में जानकारी कई बार दी गई थी लेकिन पाकिस्तान ने उस पर कोई कार्रवाई नहीं की इसलिए भारत को यह एक्शन लेना पड़ा। मसूद अज़हर 2001 पर भारतीय संसद पर हमले के अलावा कई दूसरे आतंकी हमलों का दोषी है। जैश-ए-मोहम्मद ने ही 14 फरवरी 2019 को CRPF के काफिले पर हमला किया था जिसमें 40 जवान वीरगति को प्राप्त हो गए थे।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?

मुस्लिमों को रिझाने में 2017 में औंधे मुँह गिरे थे अखिलेश, आरक्षण का वादा किया लेकिन घोषणापत्र खाली रहा: 2027 के चुनावी रण में...

मुस्लिम आरक्षण पर अखिलेश बयानों से लेकर मुलायम सिंह यादव की मुस्लिम राजनीति अपने पुराने ढर्रे पर रही है। हालाँकि अब यूपी में वोटर्स अपनी प्रथमिकताएँ बदल रहे हैं।
- विज्ञापन -