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जयपुर जेल में आतंकवादी शकर उल्लाह की हत्या, ‘लश्कर’ और ‘सिमी’ से जुड़े थे तार

राजस्थान पुलिस को इस बात के पुख़्ता सबूत मिले थे कि उल्लाह के संबंध आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से थे। जाँंच के दौरान इसके फोन रिकॉर्डिंग से आतंकियों के स्लीपर सेल का भी ख़ुलासा हुआ था।

पुलवामा आत्मघाती हमले का गुस्सा राजस्थान की जयपुर सेंट्रल जेल में भी देखने को मिला। यहाँ एक पाकिस्तानी क़ैदी शकर उल्लाह की हत्या कर दी गई। इस हत्या की सूचना दिल्ली स्थित पाकिस्तानी दूतावास को दे दी गई है।

जयपुर जेल के आईजी रुपिंदर सिंह के अनुसार शकर उल्लाह को साल 2011 में जेल में बंद किया गया था।

वहीं हत्या की घटना पर अधिक जानकारी देते हुए जेल के एडिश्नल कमिश्नर लक्ष्मण गौर ने बताया कि टीवी के वॉल्यूम को लेकर शकर उल्लाह और कैदियों में आपस में विवाद हो गया था जिसके बाद बुधवार (फ़रवरी 20, 2019) को वह मृत पाया गया।

आतंकी शकर उल्लाह के बारे में आपको बता दें कि क़रीब आठ साल पहले उसे राजस्थान पुलिस ने गिरफ़्तार किया था। राजस्थान पुलिस को इस बात के पुख़्ता सबूत मिले थे कि उल्लाह के संबंध आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से थे। जाँंच के दौरान उसकी फोन रिकॉर्डिंग से आतंकियों के स्लीपर सेल का ख़ुलासा भी हुआ था। इसके बाद सात साल तक चली सुनवाई के बाद इसे और इसके साथियों को 30 नवंबर 2017 को उम्र क़ैद की सज़ा सुनाई गई थी। शकर उल्लाह के साथियों में दो अन्य पाकिस्तानी असगर अली और मोहम्मद इकबाली भी शामिल थे।

ख़बरों के अनुसार, शकर उल्लाह समेत आरोपितों के तार सीधे पाकिस्तान से जुड़े थे। इस बात का ख़ुलासा हुआ कि जेल में बैठकर भी ये आतंकी अपने पाकिस्तानी आकाओं से बातचीत करता था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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