Homeराजनीतिपुलवामा आतंकी हमला: राहुल गांधी ने कहा: 'पूरा विपक्ष है सरकार के साथ'

पुलवामा आतंकी हमला: राहुल गांधी ने कहा: ‘पूरा विपक्ष है सरकार के साथ’

राहुल ने कहा, "आतंकवाद का मक़सद, देश को बाँटना है।" उन्होंने कहा, "यह हमला देश की आत्मा पर हुआ है।"

पुलवामा में हुए आतंकी हमले के एक दिन बाद कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष राहुल गाँधी ने शुक्रवार (फरवरी 15, 2019) को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पूरा विपक्ष और पूरा देश इस समय सरकार और जवानों के साथ खड़ा है।

पूर्व पीएम मनमोहन सिंह और वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आज़ाद के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस करने आए राहुल ने कहा, “आतंकवाद का मक़सद, देश को बाँटना है।” उन्होंने कहा, “यह हमला देश की आत्मा पर हुआ है। लेकिन जिन लोगों ने यह हमला किया है वह देश को ज़रा सी चोट नहीं पहुँचा सकते हैं, इस मामले में पूरा विपक्ष सुरक्षाबलों और सरकार के साथ हैं।”

राहुल गाँधी का यह बयान पीएम मोदी की टिप्पणियों के कुछ देर बाद बाद आया है जिसमें पीएम ने कहा कि यह एक भावनात्मक क्षण है और सभी को इसका राजनीतिकरण करने से बचना चाहिए।

पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने भी इस घटना की निंदा की है। उन्होंने कहा, “हम शहीद जवानों के परिवार वालों के साथ हैं। आतंकवाद के ख़िलाफ़ हमें सख्ती से पेश आने की आवश्यकता है। हम आतंकियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई में देश के साथ हैं।”

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

कॉन्ग्रेस ने अडानी पर किया वार, चीन को पहुँचा सीधा फायदा: केन्या सरकार ने नैरोबी एयरपोर्ट का टेंडर बदला, चीनी कंपनी को 50% महंगे...

केन्या के नैरोबी एयरपोर्ट विस्तार प्रोजेक्ट में अडानी की जगह चीनी कंपनी को ठेका मिलने से आर्थिक और राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। इन सबमें चीन का नाम क्यों आ रहा है... आइए जानें

एक दीपक जलाने पर इस्लामी कट्टरपंथियों ने मचा दिया बवाल… केरल के निलाविलक्कु विवाद से क्या समझे आप? क्या सेक्युलर होने का ठेका सिर्फ...

फातिमा तहिलिया विवाद के बाद फिर उठे सवाल- जब दूसरे समुदाय अपनी धार्मिक सीमाएँ तय करते हैं, तो समायोजन की उम्मीद सिर्फ हिंदुओं से क्यों?
- विज्ञापन -