Homeरिपोर्ट‘शराफ़त का नक़ाब उतारो इमरान, मौलाना नहीं शैतान का चेला है मसूद अज़हर’

‘शराफ़त का नक़ाब उतारो इमरान, मौलाना नहीं शैतान का चेला है मसूद अज़हर’

ओवैसी ने पुलवामा हमले में CRPF के 40 जवानों के बलिदान पर दु:ख व्यक्त किया और कहा कि इस हमले का ज़िम्मेदार आतंकी संगठन जैश-ए-मुहम्मद नहीं ‘जैश-ए-शैतान’ और जैश-ए-इबलिस है।

पुलवामा आत्मघाती हमले की कड़ी निंदा देशभर में हो रही है। पाक द्वारा छिप कर किए इस वार की जहाँ एक तरफ तीखी आलोचनाएँ हो रही हैं वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान का आतंकवाद में लिप्त चेहरा भी स्पष्ट हो चुका है।

इस छद्म हमले के ख़िलाफ़ कड़ी प्रतिक्रियाओं का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। इन्हीं प्रतिक्रियाओं में AIMM के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने पाक की इस नापाक हरक़त के ख़िलाफ़ कड़ा रुख़ अख़्तियार किया। उन्होंने पाक के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान पर निखाना साधते हुए कहा कि वो अपने चेहरे से शराफ़त का नक़ाब उतार दें।

आतंकवादियों को पनाह देना पाकिस्तान की पुरानी आदत है। पठानकोट और उरी हमला भी उसकी ही देन है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान पर की कड़ी आलोचना करते हुए ओवैसी ने कहा कि वो टीवी के सामने बैठकर भारत को संदेश देना बंद करें और अपने बनावटीपन से बाहर आएँ।

ओवैसी ने पूरी ताक़त से इस बात पर ज़ोर दिया कि पुलवामा हमला पाकिस्तान के इशारे पर ही हुआ है और इसमें पाकिस्तानी आर्मी और ISI का भी पूरा सहयोग है। ओवैसी ने पुलवामा हमले में CRPF के 40 जवानों के बलिदान पर दु:ख व्यक्त किया और कहा कि इस हमले का ज़िम्मेदार आतंकी संगठन जैश-ए-मुहम्मद नहीं जैश-ए-शैतान और जैश-ए-इबलिस है और इसका सरगना मसूद अज़हर मौलाना नहीं शैतान का चेला है।

ओवैसी ने अपने बयान में पाकिस्तान को याद दिलाया कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि पाक ने अपने आतंकी कारनामों से भारत को ज़ख्मी करने का प्रयास किया हो, इससे पहले भी अनेकों बार वो अपनी धरती का इस्तेमाल भारत के ख़िलाफ़ आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए करता आया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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