अमेठी के समीकरणों से परेशान कॉन्ग्रेस, राहुल को केरल से भी लड़ाने की अटकलें

राहुल के अलावा उनकी दादी इंदिरा गाँधी और माँ सोनिया गाँधी दोनों ही दक्षिण से लोकसभा चुनाव लड़ चुकी हैं। 1978 में इंदिरा गाँधी ने केरल की चिकमगलूर से लोकसभा चुनाव लड़ा था और जीत हासिल की थी।

साल 2014 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री मोदी ने दो सीटों से चुनाव लड़ा था ठीक उसी तर्ज पर इस बार कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी दो सीट से लोकसभा चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। राहुल गाँधी के केरल की वायनाड सीट से चुनाव लड़ने की जानकारी केरल के कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मुल्लापल्ली रामचंद्रन ने दी।

उन्होंने बताया कि राहुल गाँधी द्वारा दूसरी सीट से चुनाव लड़ने पर पिछले क़रीब एक महीने से विचार किया जा रहा था। हालाँकि इस बात का ख़ुलासा हुआ है कि दो सीट से चुनाव लड़ने के लिए राहुल तैयार नहीं थे, लेकिन काफ़ी समझाने-बुझाने के बाद राहुल इस सीट से लड़ने के लिए तैयार हो गए।

बता दें कि लोकसभा का परिसीमन होने के बाद साल 2008 में केरल की वायनाड सीट अस्तित्व में आई थी। यह सीट कन्नूर, मलाप्पुरम और वायनाड संसदीय क्षेत्र को मिलाकर बनी है। इससे पहले कॉन्ग्रेस के एमएल शाहनवाज़ इस सीट पर दो बार अपनी जीत दर्ज कर चुके हैं।

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राहुल के अलावा उनकी दादी इंदिरा गाँधी और माँ सोनिया गाँधी दोनों ही दक्षिण से लोकसभा चुनाव लड़ चुकी हैं। 1978 में इंदिरा गाँधी ने केरल की चिकमगलूर से लोकसभा चुनाव लड़ा था और जीत हासिल की थी। अपनी सास के नक्शेक़दम पर चलते हुए, राजनीति में आने के तुरंत बाद, सोनिया गाँधी ने 1999 का लोकसभा चुनाव दो सीटों- कर्नाटक की बेल्लारी और उत्तर प्रदेश में अमेठी से लड़ा। उन्होंने बेल्लारी से भाजपा नेता सुषमा स्वराज और अमेठी से संजय सिंह को हराया था।

फ़िलहाल, राहुल द्वारा केरल की सीट पर चुनाव लड़ने को एक डर की तरह देखा जा रहा है कि कहीं उन्हें अपने गढ़ में हारने की संभावना तो नहीं जिससे कॉन्ग्रेस उन्हें दो जगहों से चुनाव लड़ने की जुगत की जा रही है।

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