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मुर्तजा अली: नेत्रहीन लेकिन सोच हम सबसे आगे की… पुलवामा के वीरों के नाम करेंगे ₹110 करोड़

मुर्तजा अली मूलत: कोटा के निवासी हैं। लेकिन इस समय वह मुंबई में बतौर वैज्ञानिक काम कर रहे हैं। बलिदान हुए जवानों के परिवार की मदद के लिए मुर्तजा ने पीएम कार्यलय में ईमेल करके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने का समय माँगा है।

पुलवामा हमले में बलिदान हुए सीआरपीएफ जवानों के लिए देश के कोने-कोने से लोग मदद भेजने में जुटे हुए हैं। इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए कोटा के निवासी मुर्तजा अली ने भी वीरगति को प्राप्त हुए सुरक्षाबलों के नाम ₹110 करोड़ देने की इच्छा जताई है।

एक तरफ जहाँ कुछ राजनेता अपनी राजनीति में डूबकर वायुसेना हमले का सबूत माँगने में व्यस्त हैं वहीं एक आम शख्स ने ऐसा कदम उठाकर पूरे देश का दिल जीत लिया। इस 110 करोड़ रुपए की राहत राशि को मुर्तजा ने प्रधानमंत्री राहत कोष में भेजने का फैसला किया है। अपनी जीवन भर की पूँजी को बलिदान हुए जवानों के परिवार वालों के नाम करने वाला यह मुर्तजा अली नामक दिलेर शख्स आखिर है कौन?

मुर्तजा अली मूलत: कोटा के निवासी हैं। लेकिन इस समय वह मुंबई में बतौर वैज्ञानिक काम कर रहे हैं। बलिदान हुए जवानों के परिवार की मदद के लिए मुर्तजा ने पीएम कार्यलय में ईमेल करके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने का समय माँगा है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी उन्हें 2-3 दिन में पीएम के साथ मिलने का आश्वासन दिया है।

खबरों के अनुसार मुर्तजा पीएम मोदी से उनके कार्यालय में मिलकर उन्हें ₹110 करोड़ का चेक देंगे। इसके लिए उन्होंने पहले से हर कागजी कार्यवाई भी कर रखी है। आपको जानकार हैरानी होगी कि मुर्तजा जन्म से ही नेत्रहीन हैं। बावजूद इसके वो एक जाने-माने वैज्ञानिक हैं। कुछ समय पहले वह फ्यूल बर्न रेडिएशन तकनीक की मदद से जीपीएस, कैमरा या किसी भी अन्य उपकरण के बिना किसी वाहन को ट्रेस करने का आविष्कार कर चुके हैं।

मुर्तजा ने कोटा के कॉमर्स कॉलेज से ग्रेजुएशन किया है। साथ ही उनका ऑटोमोबाइल का पुराना बिजनेस भी है। फिलहाल अपने इस कदम से लोगों के दिलों में घर कर जाने वाले यह वैज्ञानिक PMO के बुलावे का इंतजार कर रहे हैं ताकि बलिदान हुए जवानों के परिवारों तक मदद पहुँचाई जा सके।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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