‘गठबंधन है PM की मौत का पैगाम’: सपा प्रत्याशी शफीकुर्रहमान के बिगड़े बोल

शफीकुर्रहमान बर्क वंदे मातरम के विरोध में संसद से वॉक ऑउट भी कर चुके हैं। उन्होंने राष्ट्रगीत वंदे मातरम का खुलकर विरोध करते हुए इसे गैर-इस्लामिक करार दिया था जिसके कारण विभिन्न संगठनों ने उनका विरोध भी किया था।

कैला देवी में गुरुवार (अप्रैल 11, 2019) को अखिलेश यादव की चुनावी जनसभा के दौरान सपा से संभल के प्रत्याशी शफीकुर्रहमान बर्क ने प्रधानमंत्री मोदी के बारे में विवादित बयान दिया। सभा में अखिलेश की मौजूदगी में बर्क ने सपा-बसपा-रालोद के गठबंधन को नरेंद्र मोदी के लिए मौत का पैगाम बताया है जिसके बाद मामले ने तूल पकड़ा और प्रशासन ने प्रत्याशी के ख़िलाफ़ नोटिस जारी कर दिया।

अखिलेश यादव शफीकुर्रहमान बर्क के समर्थन में चुनाव प्रचार करने आए थे जहाँ अखिलेश की अनुमति से ही बर्क को बोलने का मौका मिला। अपनी पाँच मिनट की बातचीत में ही बर्क ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए जहर उगला और यूपी में गठबंधन को लेकर अटूट विश्वास दिखाया।

संभल के एसडीएम दीपेंद्र यादव ने इस मामले को गंभीर बताया। साथ ही बर्क के बयान वाली वीडियो का भी परीक्षण हुआ। प्रमाणिकता की पुष्टि होने के बाद उन्हें नोटिस जारी किया गया और साथ ही तीन दिन में जवाब माँगा गया। इस मामले में प्रत्याशी के पोते जियाउर्रहमान बर्क का कहना है कि मामले को तोड़-मरोड़ के पेश किया जा रहा है। उन्हें अभी तक कोई नोटिस नहीं मिला है।

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प्रधानमंत्री पर इस तरह की विवादित टिप्पणी करके बर्क एक बार फिर सुर्खियों में आ गए। बता दें कि मुस्लिम बहुल इलाके के सपा प्रत्याशी शफीकुर्रहमान बर्क वंदे मातरम के विरोध में संसद से वॉक ऑउट भी कर चुके हैं। इस दौरान बर्क ने राष्ट्रगीत वंदे मातरम का खुलकर विरोध करते हुए इसे गैर-इस्लामिक करार दिया था जिसके कारण विभिन्न संगठनों ने उनका विरोध भी किया था।

बर्क के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ़ कई आवाजें उठ रही हैं। लोग यहाँ तक सवाल कर रहे हैं कि क्या मायावती ने इसलिए मुसलमानों को एकजुट होकर गठबंधन को वोट देने की बात कही थी।

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