Tuesday, April 16, 2024
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बीफ और माता सीता में कनेक्शन बताने वाले TMC नेता ने ममता पर ‘हमले’ को RSS और गोधरा से जोड़ा

"अगर इस प्रकार की घटना किसी अन्य राज्य में होती, मान लीजिए गुजरात तो यह एक और गोधरा बन जाता। यह हत्या की साजिश थी।"

तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के नेता मदन मित्रा ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ नंदीग्राम में हुई दुर्घटना को आरएसएस और गोधरा कांड से जोड़ा है। इसे ममता की हत्या की साजिश करार दिया है।

मित्रा वही नेता हैं जिन्होंने पिछले दिनों भगवान परशुराम और माता सीता के बारे में भ्रामक जानकारी फैलाकर हिंदुओं की भावना को ठेस पहुँचाने का प्रयास किया था। उन्होंने कहा था कि परशुराम भगवान कभी भी बिना बीफ के खाना नहीं खाते थे। माता सीता उनके लिए स्वयं बीफ पकाती थीं।

अब नंदीग्राम की घटना को ‘हमला’ बताते हुए मित्रा ने आरएसएस (RSS) पर निशाना साधते हुए कहा है कि इसके पीछे निक्कर पहन कर ट्रेनिंग लेने वाले लोग हैं। उन्होंने कहा, “अगर इस प्रकार की घटना किसी अन्य राज्य में होती, मान लीजिए गुजरात तो यह एक और गोधरा बन जाता। यह हत्या की साजिश थी।” उन्होंने कहा, “उम्मीदवार होने के नाते मैं आरोप लगा रहा हूँ, लेकिन पुलिस हमारी बात नहीं सुन रही है। यहाँ गुंडागर्दी चल रही है। जनता को मालूम है ये सब कौन कर रहा है? जिसके पास ताकत है।”

मालूम हो कि मदन मित्रा ने जिस गोधरा कांड का नाम गुस्से में लिया है, उसकी हकीकत ये है कि साल 2002 में मुस्लिम भीड़ ने ट्रेन के एक पूरे डब्बे में आग लगा दी थी। इसमें 59 कारसेवकों की मौत हुई थी। इसके बाद पूरा गुजरात साम्प्रदायिक दंगों की आग में जला था, जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए थे।

अब मित्रा भले ही ममता बनर्जी के साथ हुई दुर्घटना को गोधरा नरसंहार से सीधे नहीं जोड़ रहे। लेकिन यदि वे इस बात को मानते हैं कि ये सब कहीं और हुआ होता तो गोधरा जैसे दंगे हो जाते, उसका एक ही मतलब है कि ममता बनर्जी पर हमले को वह गोधरा कांड की तरह ही समझते हैं।

बता दें कि बंगाल सरकार में मंत्री व तृणमूल महासचिव पार्थ चटर्जी ने इस घटना के बाद विरोध का ऐलान किया है। समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, उन्होंने कहा, “कल दोपहर 3 बजे से 5 बजे तक घटना की निंदा करने के लिए हम काला झंडा फहराते हुए काली पट्टी मुँह पर बाँधकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेंगे।”

उनका कहना है कि बंगाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति अच्छी थी, लेकिन चुनावों की घोषणा के बाद कानून-व्यवस्था निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी बन गई। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग ने राज्य पुलिस के डीजीपी को हटा दिया और अगले ही दिन उन पर (ममता बनर्जी) हमला हो गया।

गौरतलब है कि इस घटना को लेकर बंगाल पुलिस ने प्राथमिक जाँच के बाद चुनाव आयोग के समक्ष रिपोर्ट जमा की है। इसमें इसे दुर्घटना कहा गया है, न कि हमला। चश्मदीदों के बयान के आधार पर रिपोर्ट में कहा गया है कि ममता बनर्जी की कार छोटे से लोहे के खंभे से टकराई और वह चोटिल हुईं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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