Tuesday, July 27, 2021
Homeदेश-समाजमाओवादियों के मारे जाने पर पुलिस को दी थी धमकी, CPI-M के एलन सुहैब,...

माओवादियों के मारे जाने पर पुलिस को दी थी धमकी, CPI-M के एलन सुहैब, थाहा फज़ल गिरफ़्तार

सुहैब और फ़ज़ल की तलाशी के दौरान माओवादी विचारधारा को बढ़ावा देने वाले पर्चे बरामद हुए हैं। पुलिस ने अब तीसरे व्यक्ति की तलाश तेज़ कर दी है, जो पुलिस बल को देखकर मौके से भाग गया था।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी- मार्क्सवादी (CPI-M) के दो कार्यकर्ताओं को केरल पुलिस ने 2 नवंबर को माओवादियों के साथ कथित संबंधों का ज़िम्मेदार ठहराते हुए गिरफ़्तार कर लिया है। केरल के पलक्कड़ ज़िले में चार माओवादियों के मारे जाने पर दोनों ने पुलिस बल के थंडरबोल्ट कमांडो की आलोचना भी की थी।

जिन दो लोगों को गिरफ़्तार किया गया है उनकी पहचान एलन सुहैब और थाहा फ़ज़ल के रुप में हुई है। उन्होंने माओवादियों के मारे जाने पर राज्य पुलिस को धमकाते हुए नोटिस भी जारी किए थे। प्रारम्भिक जाँच में, पुलिस ने दावा किया है कि इस बात के ठोस सबूत हैं कि दोनों ने माओवादी पदाधिकारियों के साथ संपर्क बना रखा था।

इस बात पर भी ग़ौर किया जाना चाहिए कि दोनों आरोपितों की गिरफ़्तारी ग़ैर-कानूनी गतिविधियों (रोकथाम) अधिनियम के कड़े प्रावधानों के तहत की गई है, जो संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित करने और संबंधित गतिविधियों पर रोक लगाने या आतंकवाद को बढ़ावा से रोक लगाने के संबंध में पारित किया गया था।

ख़बर के अनुसार, एलन सुहैब और थाहा फ़ज़ल को शुक्रवार की रात को पंथीरनकवु से हिरासत में ले लिया गया। उन पर सेक्शन-20 (एक आतंकवादी गिरोह या संगठन का सदस्य होने की सज़ा), 38 (आतंकवादी संगठन की सदस्यता से संबंधित अपराध) और 39 (ग़ैर-क़ानूनी गतिविधियों के लिए आतंकवादी संगठन को समर्थन देने से संबंधित अपराध) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस ने बताया कि दोनों कार्यकर्ता क्रमशः कानून और पत्रकारिता की पढ़ाई कर रहे हैं, उन पर माओवादी पदाधिकारियों के साथ संपर्क बनाए रखने का संदेह था। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने राज्य पुलिस प्रमुख लोकनाथ बेहरा से गिरफ़्तारी की रिपोर्ट माँगी है।

पुलिस ने ख़ुलासा किया है कि सुहैब और फ़ज़ल की तलाशी के दौरान उन्होंने माओवादी विचारधारा को बढ़ावा देने वाले पर्चे बरामद किए हैं। पुलिस ने अब तीसरे ऐसे व्यक्ति की तलाश तेज़ कर दी है, जो पुलिस बल को देखकर मौके से भाग गया था।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

विधानसभा से मंत्री का ही वॉकआउट: छत्तीसगढ़ कॉन्ग्रेस की लड़ाई में नया मोड़, MLA ने कहा था- मेरी हत्या करा बनना चाहते हैं CM

अपनी ही सरकार के रवैये से आहत होकर छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री TS सिंह देव सदन से वॉकआउट कर गए। उन पर आदिवासी विधायक ने हत्या के प्रयास का आरोप लगाया था।

2020 में नक्सली हमलों की 665 घटनाएँ, 183 को उतार दिया मौत के घाट: वामपंथी आतंकवाद पर केंद्र ने जारी किए आँकड़े

केंद्र सरकार ने 2020 में हुई नक्सली घटनाओं को लेकर आँकड़े जारी किए हैं। 2020 में वामपंथी आतंकवाद की 665 घटनाएँ सामने आईं।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
111,426FollowersFollow
393,000SubscribersSubscribe