Homeरिपोर्टUN ने ठुकराई आतंकी सरगना हाफिज़ सईद की माँग: बरकरार रहेगा एक आतंकवादी के...

UN ने ठुकराई आतंकी सरगना हाफिज़ सईद की माँग: बरकरार रहेगा एक आतंकवादी के रूप में प्रतिबंध

2017 में सईद ने अपने ऊपर लगे प्रतिबंध को हटाने के लिए लाहौर स्थित लॉ फर्म के माध्यम से संयुक्त राष्ट्र में अपील की थी जिसे ठुकरा दिया गया।

संयुक्त राष्ट्र ने हाफिज़ सईद पर लगे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध को हटाने की माँग ठुकरा दी है। आतंकी संगठन जमात-उद-दावा के सरगना हाफिज़ सईद ने संयुक्त राष्ट्र से यह माँग की थी कि उसे अंतरराष्ट्रीय आतंकवादियों के नाम की लिस्ट से हटाया जाए। लेकिन संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने हाफिज की माँग को ठुकरा दिया। संयुक्त राष्ट्र ने 10 दिसंबर 2008 को मुंबई पर हुए आतंकी हमले के कारण हाफिज़ सईद पर प्रतिबंध लगाया था।

2017 में सईद ने अपने ऊपर लगे प्रतिबंध को हटाने के लिए लाहौर स्थित लॉ फर्म के माध्यम से संयुक्त राष्ट्र में अपील की थी। भारत के अलावा अमरीका, यूके और फ्रांस ने भी इस अपील का विरोध किया था। पाकिस्तान ने भी जमात उद दावा और उसके साथी संगठन फलह-ए-इंसानियत फाउंडेशन पर प्रतिबंध लगाने का नाटक किया था लेकिन हाफिज सईद पर कोई कार्रवाई नहीं की। सईद आतंकी संगठन लश्कर ए तय्यबा का भी संस्थापक है।

संयुक्त राष्ट्र की 1267 सेंक्शन कमेटी को हाल ही में जैश ए मोहम्मद के सरगना मसूद अज़हर पर प्रतिबंध लगाने का अनुरोध भी प्राप्त हुआ है। जैश ए मोहम्मद ने पुलवामा में हुए आतंकी हमले की जिम्मेदारी ली थी।

पीटीआई की खबर के अनुसार संयुक्त राष्ट्र के इंडिपेंडेंट ओम्बुड्सपर्सन डेनियल किप्फर फासियाटि ने बताया कि उनके पास हाफिज़ सईद के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं जिनके आधार पर प्रतिबंध बरकरार रहेगा। भारत ने संयुक्त राष्ट्र को लश्कर ए तय्यबा से संबंधित अतिगोपनीय सूचनाएँ प्रदान की थीं जिनके आधार पर हाफिज सईद पर प्रतिबंध लगा रहेगा।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

वामपंथियों से कांग्रेस का पुराना ‘लप्रेक’: अपनों को किनारे कर लेफ्ट के पीछे भागने की आदत क्यों नहीं छूटती?

NSUI को छोड़कर AISA के चेहरों को मंच देना कोई इत्तेफ़ाक नहीं है। सरदार पटेल से लेकर हिमंत बिस्वा सरमा तक... कांग्रेस ने हमेशा अपने मजबूत नेताओं को किनारे कर वामपंथियों को गले क्यों लगाया?

मुफ्त इलाज का ढकोसला और महँगे मेडिकल बिल: कहाँ खर्च हो रहा है आम आदमी का पैसा?

सरकार ने उन दवाओं को इस प्राइस कंट्रोल से बाहर रखा है जिन्हें कंपनियाँ 'पेशेंट असिस्टेंस प्रोग्राम' (PAPs) के तहत भारी छूट पर देती हैं।
- विज्ञापन -