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UPA सरकार ने हमें ₹1 लाख करोड़ के प्रोजेक्ट्स दिए, राहुल हैं ग़ैर-ज़िम्मेदार: रिलायंस

रिलायंस ने राहुल गाँधी से स्पष्ट करने को कहा कि आख़िर उनकी सरकार ने एक दशक तक रिलायंस और अम्बानी को इतने कॉन्ट्रैक्ट्स दिए ही क्यों?

रिलायंस ग्रुप ने कॉन्ग्रेस पर पलटवार करते हुए करारा जवाब दिया है। अभी हाल ही में राहुल गाँधी ने अनिल अम्बानी को क्रोनी कैपिटलिस्ट करार दिया था। रिलायंस ग्रुप ने जवाब देते हुए कहा कि यूपीए सरकार के दौरान भी उन्हें 1 लाख करोड़ रुपए के कॉन्ट्रैक्ट्स मिले थे। रिलायंस समूह ने यह भी कहा कि कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करते हुए एक मिथ्या आरोपों का अभियान चला रहे हैं। रिलायंस ग्रुप ने राहुल गाँधी के दावों पर जवाब देते हुए आगे कहा:

“कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने जो दावे किए हैं, उनका न तो उन्होंने कोई आधार बताया है और न ही इन बयानों को जायज ठकराने के लिए कोई विश्वसनीय सबूत पेश किया है। कॉन्ग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के दस वर्षों के कार्यकाल में 2004 से 2014 के दौरान अनिल अंबानी की रिलायंस ग्रुप को बिजली, दूरसंचार, सड़क, मेट्रो सहित ढाँचागत क्षेत्र की एक लाख करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं का ठेका मिला था।“

रिलायंस ग्रुप ने राहुल गाँधी को गैर-ज़िम्मेदार करार दिया। राहुल गाँधी द्वारा अनिल अम्बानी को बेईमान कहे जाने को भी रिलायंस ग्रुप ने असत्य करार दिया। समूह ने पूछा की अगर अनिल अम्बानी के लिए राहुल ने जो बातें कहीं हैं वो सच हैं, तो फिर उनकी सरकार ने 10 वर्षों तक एक क्रोनी कैपिटलिस्ट और एक बेइमान व्यवसायी की मदद क्यों की? राहुल ने अम्बानी को राजनीतिक साँठ-गाँठ से काम करने वाला पूंजीपति बताया था। समूह ने कहा कि हमारे चेयरमैन पर उनके द्वारा लगाए गए सारे आरोप झूठे हैं।

रिलायंस ने राहुल गाँधी से स्पष्ट करने को कहा कि आख़िर उनकी सरकार ने एक दशक तक रिलायंस और अम्बानी को इतने कॉन्ट्रैक्ट्स दिए ही क्यों? बता दें कि पीएम मोदी पर हमला करते वक्त राहुल गाँधी अक्सर अनिल अम्बानी का नाम लेते हैं और कहते हैं कि मोदी ने अम्बानी की जेब में हजारों करोड़ डाल दिया। हालाँकि, उनका आँकड़ा बदलता रहता है। इसी तरह कपिल सिब्बल अम्बानी की आलोचना भी करते हैं और फिर उनके लिए अदालत में ज़िरह भी करते हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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