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‘धोनी, कोहली, IPL से पहले वाला क्रिकेट बेहतर’: एक्टर बन रहे थे कॉमेंटेटर, अब पब्लिक लगा रही क्लास

कुछ लोगों ने बताया कि वह अभिनेता जो प्रोडक्ट का विज्ञापन करते हैं और एक ही पीआर श्रेणी का हिस्सा हैं, इसलिए उन्हें खिलाड़ियों पर ताने नहीं मारने चाहिए।

रंग दे बसंती फिल्म के अभिनेता सिद्धार्थ ने बुधवार (8 सितंबर 2021) को तड़के ट्वीट कर भारतीय क्रिकेट टीम के पुराने दिनों को याद करते हुए बताया कि अब ये ‘विषाक्त’ हो गया है। दरअसल, आईपीएल के उद्भव से पहले क्रिकेट और एमएस धोनी व विराट कोहली जैसे क्रिकेटरों के बारे में बोल रहे थे।

एक्टर ने दो ट्वीट किए और दावा किया, “नई पीढ़ी की पूजा प्रशासनिक और पीआर शक्ति के साथ मिली जुली है। यह वह क्रिकेट नहीं है जिसकी उन्होंने ‘पूजा’ की और अब ‘विषाक्तता का राज’ है। बाद में उन्होंने कहा कि जब राहुल द्रविड़ ने क्रिकेट खेला तो उन्होंने उस समय को याद किया और कामना की कि वह वापस आएँ और भारतीय क्रिकेट को फिर से सम्मानित करें।”

फैंस ने दिया करारा जवाब

हालाँकि, भारतीय क्रिकेट, आईपीएल, एमएस धोनी, विराट कोहली और सामान्य तौर पर क्रिकेट प्रशंसक इस ट्वीट से बहुत खुश नहीं थे।

कुछ लोगों ने बताया कि वह अभिनेता जो प्रोडक्ट का विज्ञापन करते हैं और एक ही पीआर श्रेणी का हिस्सा हैं, इसलिए उन्हें खिलाड़ियों पर ताने नहीं मारने चाहिए।

इस मामले में कुछ लोगों ने ये भी कहा कि अगर कमाई करने का जरिया ठीक है तो किसी को कोई समस्या नहीं होनी चाहिए।

कुछ लोगों ने बताया कि किस तरह से सिद्धार्थ क्रिकेटरों के बारे में उदासीन हो रहे थे, जबकि वे भी इसी एडवर्टाइजिंग और पीआर खेल से जुड़े हैं।

ट्विटर यूजर विजय अरुमुगम ने याद किया कि कैसे 2002 में द्रविड़, तेंदुलकर और अन्य क्रिकेटर आईसीसी के एंबुश मार्केटिंग क्लॉज से सहमत नहीं थे और राजस्व को जाने देने के मूड में नहीं थे। उन्होंने बताया कि कैसे 2002 में भारतीय क्रिकेटरों ने अपनी कमाई का लगभग 60% एंडोर्समेंट सौदों के जरिए हासिल किया था।

हालाँकि, जैसा कि उन्होंने इशारा किया यदि व्यक्ति ने अपनी आय हासिल करने में कुछ भी गलत नहीं किया है। तो इसमें कोई समस्या नहीं है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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