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बाबा का ढाबा स्कैम: वीडियो वायरल करने वाले यूट्यूबर पर डोनेशन के रूपए गबन करने के आरोप

रूपए गबन करने के आरोपों के वायरल होने के बाद गौरव वासन ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर कल देर शाम एक छोटा सा वीडियो शेयर करते हुए बताया है कि रूपए बाबा के ढाबा के मालिक को पहुँचा दिए गए हैं। लोगों ने शिकायत की है कि उसे यह काम विवाद बढ़ने से पहले ही कर देना चाहिए था।

कुछ हफ्ते पहले सोशल मीडिया पर वायरल हुई ‘बाबा का ढाबा’ की वीडियो ने देश के कोने-कोने में बुजुर्ग दंपत्ति कांता प्रसाद और बादामी देवी को मशहूर कर दिया था। स्वाद ऑफिशियल नाम के यूट्यूब चैनल को चलाने वाले गौरव वासन ने यह वीडियो अपने चैनल पर अपलोड की थी। 

इसके बाद कई नामी हस्तियाँ ‘बाबा का ढाबा’ की मदद के लिए आगे आईं और अगले ही दिन से बाबा की मुस्कुराती वीडियोज सोशल मीडिया पर नजर आने लगीं। आम जनता से लेकर स्विगी और जोमटो जैसी कंपनियों ने भी दंपत्ति की मदद की थी। बुजुर्ग दंपत्ति का जीवन सुधारने के लिए  व्यापक स्तर पर डोनेशन दी गई थी।

किसी ने कैश डोनेट किया था किसी ने ऑनलाइन डोनेट किया था। यूट्यूबर गौरव ने जानकारी भी दी थी कि उनके पास 2 लाख के आसपास पैसे इकट्ठा हो गए हैं, इसलिए अब दंपत्ति के लिए डोनेशन देनी बंद कर दी जाए। आगे किसी जरूरतमंद को जरूरत होगी तो वह फिर बताएँगे।

लक्ष्य चौधरी ने लगाया गौरव वासन पर फंड गबन करने का आरोप

अब इसी दंपत्ति की वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डालने वाले गौरव वासन पर कुछ गंभीर लगे हैं। यह आरोप लगाए हैं एक अन्य यूट्यूबर लक्ष्य चौधरी ने। लक्ष्य का इल्जाम है कि जो पैसे बुजुर्ग दंपत्ति के लिए माँगे गए वह उन तक नहीं पहुँचे। 

ऑनलाइन स्कैमिंग पर बनाई गई वीडियो में लक्ष्य चौधरी ने समझाया कि कैसे लोग इसी तरह की इमोशनल वीडियो बना कर पैसे ऐंठते हैं। इसके बाद उन्होंने गौरव वासन को लेकर कहा कि उसने बाबा का ढाबा के लिए डोनेशन माँगा लेकिन उन लोगों के साथ पैसे नहीं शेयर किए। 

एक इंटरव्यू में कांता प्रसाद ने यह भी स्वीकारा कि उन्हें अभी तक गौरव से कोई रुपए नहीं मिले हैं। इस पर चौधरी ने गौरव पर फंड गबन करने के आरोप लगाए और कहा कि इतने दिन बीत जाने के बाद भी कांता प्रसाद को मदद नहीं पहुँचाई गई है। यूट्यूबर लक्ष्य ने कहा कि गौरव ने कांता प्रसाद की मदद के लिए अपना कॉन्टैक्ट दिया और कांता प्रसाद के बैंक डिटेल्स की जगह अपनी ही अकॉउंट डिटेल्स शेयर की।

चौधरी का कहना है कि ऑनलाइन स्कैमिंग पर संदेह तब और भी ज्यादा उत्पन्न हो जाता है जबसे गौरव ने दावा किया है कि उसे डोनेशन में 2.25 लाख रुपए मिले। वह दिखाते हैं कि वीडियो वायरल होने से पहले गौरव का दावा था कि उस ढाबा के लिए 1.75 लाख रुपए मिले, तो आखिर वीडियो वायरल होने के बाद, कई हस्तियों द्वारा उसे शेयर करने के बाद, सिर्फ़ 40,000-50,0000 की बढ़ौतरी इस बात का सबूत है कि इन सबमे कुछ गड़बड़ है।

बाबा का ढाबा के मालिक कांता प्रसाद ने किसी भी तरह की आर्थिक मदद के लिए नकारा

दरअसल, कांता प्रसाद ने एक वीडियो में कहा, “मुझे कोई डोनेशन ऑनलाइन नहीं मिली। पैसों की मदद मुझे सिर्फ़ कैश के रूप में मिली है। मुझे अमिताभ बच्चन तक से  डोनेशन मिली है। लेकिन इसके अलावा मुझे कोई ऑनलाइन डोनेशन नहीं मिली।”

आगे वह कहते हैं, “मुझे गौरव ने कहा था कि मैं किसी से अपनी बैंक की जानकारी न साझा करूँ। जब वीडियो वायरल हुई तो मैंने अपना मोबाइल सुशांत को दिया। गौरव ने हमें कोई पैसे नहीं दिए, चाहे कैश हो या ऑनलाइन। जो भी उसने इकट्ठा किया, वह उसी के पास है। मेरा बैंक अकॉउंट बंद हो गया है।”

चौधरी ने अपनी वीडियो में यह भी कहा है कि गौरव ने जिस बैंक खातों की डिटेल देकर बाबा का ढाबा के नाम पर पैसे माँगे, वह उसकी पासबुक विवरण सहित एक वीडियो अपलोड करें और इस पर सफाई दें। हालाँकि, रूपए गबन करने के आरोपों के वायरल होने के बाद गौरव वासन ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर कल सोमवार (अक्टूबर 26, 2020) देर शाम एक छोटा सा वीडियो शेयर करते हुए बताया है कि रूपए बाबा के ढाबा के मालिक को पहुँचा दिए गए हैं। लोगों ने शिकायत की है कि उसे यह काम विवाद बढ़ने से पहले ही कर देना चाहिए था। लोगों का कहना है कि गौरव ने उसी समय ये रूपए कांता प्रसाद को क्यों नहीं दिए?

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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