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‘मजहब में मत घुसो… बेगैरत इन्सान’: बकरीद पर बकरा काटने से मना किया तो KRK पर भड़के इस्लामवादी

"ज्यादा मजहब की चीजों में मत घुसा करो अंकल। खुद नहीं करना तो दूसरों को मत दिखाओ। जिस चीज का अल्लाह ने हुकुम दिया, नबी ने किया, उसको मना करने वाले आप होते कौन हैं बेगैरत इन्सान?"

बकरीद पर बकरा काटने या ना काटने की बहस में अब एक और नाम जुड़ गया है। यह नाम है बॉलीवुड कलाकार और फिल्म समीक्षक कमाल राशिद खान उर्फ केआरके (KRK) का। KRK ने ट्वीट कर लोगों को बकरीद पर कुर्बानी न देने की सलाह दी है, जिसके कारण उन्हें ट्रोल किया जा रहा है।

KRK ने 24 जुलाई 2020 को अपने ट्वीट में लिखा, “मैं सभी लोगों से निवेदन करता हूँ कि इस ईद-अल-अधा पर बकरा खरीदकर उसे मारे नहीं, बकरा मारने की जगह हम दान भी कर सकते हैं।”

सोशल मीडिया पर खुलकर अपनी बात रखने के लिए जाने जाने वाले KRK का यह ट्वीट कुछ लोगों को पसंद आया है, तो कुछ इससे नाराज भी हैं।

एक मुस्लिम युवक ने KRK के ट्वीट पर आपत्ति जताते हुए लिखा है कि हम मुस्लिम इसे ‘मारना’ नहीं बल्कि ‘कुर्बानी’ कहते हैं, अगली बार लिखने से पहले सोचना।

वहीं, कुछ लोगों ने ईद पर मारे जाने वाले बकरे के बारे में कुरान का जिक्र करते हुए कहा है कि कुर्बान किए हुए बकरे को अपने साथियों और भूखे लोगों में बाँटने के निर्देश दिए रहते हैं, इसलिए यह बकरा मारा जाता है।

KRK के ट्वीट के जवाब में आक्रोशित उज्मा फरहीन ने लिखा है, “ज्यादा मजहब की चीजों में मत घुसा करो अंकल। खुद नहीं करना तो दूसरों को मत दिखाओ। जिस चीज का अल्लाह ने हुकुम दिया, नबी ने किया, उसको मना करने वाले आप होते कौन हैं बेगैरत इन्सान?”

गौरतलब है कि सोशल मीडिया पर जानवरों के अधिकारों की वकालत करने का भ्रामक दावा करने वाली संस्था PETA-इंडिया ने हाल ही में रक्षाबंधन पर लोगों से गाय के चमड़े की राखी इस्तेमाल ना करने की बात कही थी।

PETA-इंडिया का जब इस झूठे दावे को लेकर विरोध किया गया तो उन्होंने इसके लिए माफ़ी भी माँगी। यहीं से कुछ लोगों ने माँग की कि PETA को मुस्लिमों द्वारा ईद पर काटी जाने वाली बकरी पर भी अपने विचार रखने चाहिए और मुस्लिमों से अपील करनी चाहिए कि वो बकरा ना काटें। इसके बाद ही मशहूर फिल्म अभिनेता KRK ने यह ट्वीट किया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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