Monday, November 29, 2021
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‘लेस्बियन’ वाले करवा चौथ विज्ञापन के लिए Dabur शर्मिंदा, माफी माँगने के बाद भी लोगों ने कहा- थू है तुम पर

हरीश नाम के सोशल मीडिया यूजर ने लिखा, ''यह बेहद घटिया शर्मनाक विज्ञापन था। कभी नहीं सोचा था कि डाबर जैसी कंपनी हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुँचाएगी और हिंदू विरोधी ताकतों का समर्थन करेगी।''

करवा चौथ से जुड़े डाबर फेम ब्लीच विज्ञापन पर विवाद गहराने के बाद कंपनी ने इसे वापस ले लिया है। डाबर ने सोमवार (25 अक्टूबर 2021) को एक बयान जारी कर इस विज्ञापन को वापस लेने की जानकारी दी। कंपनी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर लोगों की भावनाएँ आहत होने पर दुख जताया और इसके लिए माफी भी माँगी है। हालाँकि, डाबर के माफी माँगने के बाद भी सोशल मीडिया यूजर्स का आक्रोश कम नहीं हुआ है। वे भारतीय संस्कृति पर इस तरह से हमला करने को लेकर काफी आक्रोशित हैं।

इंस्टाग्राम पर एक यूजर ने कहा, “हमें तुम्हारी माफी स्वीकार नहीं है।” वहीं, एक अन्य ने कहा कि इस कंपनी का कोई ईमान धर्म नहीं है।

साभार: instagram

पार्वती नाम की एक यूजर ने ट्विटर पर लिखा, ”हमसे ही कमाकर हमारे त्योहारों का मजाक उड़ाते हो अब तुम देखो। भारत की जनता ट्विटर पर नहीं बाजार में दिखाती है तुम जैसी कंपनी की औकात।”

एक और यूजर ने लिखा, ”हमेशा हिंदू धर्म और उनके धार्मिक त्योहारों को ही निशाना क्यों बनाया जाता है? हम आपके उत्पादों का बहिष्कार करते हैं।”

हरीश नाम के सोशल मीडिया यूजर ने लिखा, ”यह बेहद घटिया शर्मनाक विज्ञापन था। कभी नहीं सोचा था कि डाबर जैसी कंपनी हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुँचाएगी और हिंदू विरोधी ताकतों का समर्थन करेगी।”

डाबर के माफी माँगने पर गुस्साए सत्यनारायण नाम के यूजर ने ​कहा, ”तो घटिया लोगों बनाया ही क्यों था। बस पब्लिसिटी के लिए, थू है तुम पर। अगर दम हो तो किसी और पर बना…।”

वहीं, मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने डाबर कंपनी के लेस्बियन वाले विज्ञापन को आपत्तिजनक बताया है। उन्होंने कहा, “मामले की गंभीरता को देखते हुए मैंने डीजीपी को यथोचित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कंपनी या तो विज्ञापन हटाए या फिर हम कार्रवाई करेंगे। हिन्दू धर्म के साथ इस तरह से कोई खिलवाड़ नहीं कर पाएगा।” नरोत्तम मिश्रा ने कहा, “हिन्दू धर्म के धार्मिक त्योहारों के लिए ही आखिर क्यों विज्ञापन और वीडियो-फोटो जारी किए जाते हैं। आज समलैंगिक या लेस्बियन को व्रत करते हुए दिखा रहे हैं और कल फिर लड़कों (गे) को शादी करते हुए दिखाएँगे। अगर हिम्मत है तो दूसरे धर्मों को लेकर बनाकर दिखाओ।”

गौरतलब है कि डाबर कंपनी के करवा चौथ पर जारी हुए विज्ञापन को लेकर सोशल मीडिया पर लोग काफी नाराज़ हैं। ये विज्ञापन डाबर के प्रोडक्ट ‘फेम’ को लेकर है, जिसमें एक समलैंगिक जोड़े को ‘करवा चौथ’ का त्योहार मनाते हुए दिखाया गया है। लोगों का कहना है कि क्या त्योहारों को उसी रूप में नहीं रहने देना चाहिए, जिस रूप में हम उन्हें मनाते आ रहे हैं? साथ ही पूछा कि हमेशा हिन्दू त्योहारों से ही क्यों छेड़छाड़ की जाती है, मुस्लिम या ईसाई त्योहारों से क्यों नहीं? डाबर ही नहीं फैबइंडिया और CEAT टायर ने भी विज्ञापनों से हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुँचाया है।

 

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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