Homeसोशल ट्रेंडमुंबई में पावर कट होते ही ट्विटर पर छाए केजरीवाल, सोशल मीडिया पर आई...

मुंबई में पावर कट होते ही ट्विटर पर छाए केजरीवाल, सोशल मीडिया पर आई MEME की बाढ़

जैसा कि अक्सर देखा जाता है कि कोई भी घटना 'मीमर्स' के लिए अवसर की तरह होती है। कोई भी मुद्दा या कोई भी घटना उनके MEME से अछूती नहीं रहती। सोशल मीडिया यूजर्स ने इस घटना पर भी खूब MEME साझा किए।

सोमवार (अक्टूबर 12, 2020) को मुंबई के सामने नई तरह की समस्या खड़ी हो गई। पावर ग्रिड के फेल हो जाने की वजह से मुंबई में बिजली आपूर्ति लगभग ठप्प हो गई। लोकल ट्रेन समेत मायानगरी की बिजली से जुड़ी तमाम सेवाएँ प्रभावित हुई। लेकिन सोशल मीडिया पर इस सम्बन्ध में अलग तरह की प्रतिक्रिया नज़र आई।

जैसा कि अक्सर देखा जाता है कि कोई भी घटना ‘मीमर्स’ के लिए अवसर की तरह होती है। कोई भी मुद्दा या कोई भी घटना उनके MEME से अछूती नहीं रहती। सोशल मीडिया यूजर्स ने इस घटना पर भी खूब MEME साझा किए

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मीमर्स का लगाव कभी छिपा नहीं रहा, वह आम तौर पर क्रियेटर और मीमर्स की निगरानी में रहते हैं। ठीक ऐसा ही हुआ मुंबई पावर कट मामले में जब वह एक अच्छे मीम में नज़र आए।

इस मीम में केजरीवाल प्लास लेकर उलझे हुए तारों के सामने खड़े हैं और कैप्शन में लिखा है, “मुंबई वालों, अब अगली बार दिल्ली कैपिटल्स को हारने से पहले दो बार सोचना।”

इसके अलावा, कुछ गैर राजनीतिक मीम्स और चुटकुले भी साझा किए गए।

कुछ इस तरह के मीम भी बनाए गए जिसमें मुंबई वालों की कोरोना वायरस महामारी और पावर कट को लेकर प्रतिक्रिया का ज़िक्र था। 

वहीं कुछ ने इस बात का मज़ाक बनाया कि बहुत से लोग बिजली की गैर मौजूदगी में अपने स्मार्ट फ़ोन चार्ज करने की चिंता कर रहे होंगे। 

इसके अलावा मीम्स बनाते समय ऐसे लोगों का भी पूरा ध्यान रखा गया था जो वर्क फॉर्म होम कर रहे हैं। आखिर मीमर्स उन्हें कैसे भूल सकते थे,

इस बात की पूरी उम्मीद है कि मुंबई में पावर कट की वजह से बने हालत बहुत जल्द सामान्य हो जाएँगे और मुंबईवासियों का जीवन वापस अपनी पटरी पर लौटेगा लेकिन तब तक ऐसे ही आगे बढ़ना होगा। इस दौरान मुंबई वालों के पास दो तरह के ही विकल्प बचते हैं, पहला शिकायत करना और दूसरा हालातों के बीच हँसते हुए आगे बढ़ना।

हालाँकि मायानगरी के लिए पावरकट जैसी बातें असामान्य हैं लेकिन इस दुनिया में बहुत कुछ एक ही बार होता है। साल 2020 अभी तक कुछ इस तरह का साल ही साबित हुआ है।  

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

कब्रें बेचीं, हिंदुओं की संपत्ति वक्फ की और डिलीट कर दीं फाइल्स: UP के शिया वक्फ बोर्ड में ₹1000 करोड़ के घोटाले का दावा,...

शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन के मुताबिक, पूरा घोटाला 1000 करोड रुपए का है। इसमें कुछ हिंदू और कथित बेनामी संपत्तियों को भी वक्फ संपत्ति के तौर पर दर्ज करने का मामला भी शामिल है।

जंतर-मंतर पर ‘बेटी चुप कराओ’, झारखंड में बेटियों का जिक्र तक नहीं: दो प्रदर्शनों में ‘द वायर’ का दो एजेंडा, केंद्र पर सवाल तो...

'द वायर' का एजेंडा साफ है। जंतर-मंतर प्रदर्शन में मोदी सरकार ने महिलाओं को टारेगट किया और झारखंड मसले पर अत्याचारों का जिक्र तक नहीं किया।
- विज्ञापन -