Wednesday, May 22, 2024
Homeसोशल ट्रेंडहिन्दू के हृदय से बची मुस्लिम लड़की की जान, इमाम बोला- ये काफिर का...

हिन्दू के हृदय से बची मुस्लिम लड़की की जान, इमाम बोला- ये काफिर का दिल, बुतों के सामने झुकता था…

इमाम ने बताया कि काफिरों का कोई भी काम आखिरत (दुनिया के खात्मे) के समय गिना नहीं जाएगा। इमाम ने मुस्लिमों के अंगदान को भी गलत बताया। इमाम ने कहा कि बगैर जरूरत के रक्तदान भी जायज नहीं है।

चेन्नई के एक अस्पताल में पाकिस्तानी युवती आएशा को हिन्दू व्यक्ति का ह्रदय लगाए जाने पर एक इमाम ने कहा है कि यह हृदय काफिर है। इमाम ने बताया कि यह ह्रदय पहले बुतों के सामने झुकता था और अब अल्लाह के सामने झुकेगा। इमाम का दावा है कि गैर मुस्लिम व्यक्ति ने भले ही पाकिस्तानी लड़की को ह्रदय दिया हो लेकिन उसका यह काम नेक नहीं है क्योंकि वह मुसलमान नहीं है। यह बातें कहने वाला इमाम पाकिस्तानी है। इसका एक वीडियो वायरल हो रहा है।

इसमें इमाम से जब एक यूट्यूबर ने इस मामले के विषय में पूछा तो उसने कहा कि पाकिस्तानी लड़की को ह्रदय देने वाला शख्स हिन्दू होकर मरा इसलिए उसका कोई भी शबाब नहीं गिना जाएगा। शबाब (पुण्य) पाने के लिए आदमी को मुसलमान हो कर मरना जरुरी है। इमाम ने कहा कि मुसलमान बच्ची की हिम्मत ये है कि उसने बुतों के सामने झुकने वाले का दिल रब (अल्लाह) के सामने झुका दिया। इमाम ने एक कहानी सुना कर बताया कि मुसलमान होकर मरना जरूरी है।

इमाम ने बताया कि काफिरों का कोई भी काम आखिरत (दुनिया के खात्मे) के समय गिना नहीं जाएगा। इमाम ने मुस्लिमों के अंगदान को भी गलत बताया। इमाम ने कहा कि बगैर जरूरत के रक्तदान भी जायज नहीं है। इमाम ने कहा कि जब रोगी की जान पर बन आए तभी रक्तदान होना चाहिए, ऐसे नहीं। इमाम ने इस बात पर गुस्सा जताया कि पाकिस्तान पूरी तरीके से इस्लामी नहीं है। उसने कहा कि पाकिस्तान के केवल नाम में ही इस्लामी बचा है।

गौरतलब है कि पाकिस्तानी के कराची की रहने वाली एक 19 वर्षीय मुस्लिम युवती आएशा को चेन्नई में जनवरी, 2024 में एक 68 वर्षीय हिन्दू व्यक्ति का ह्रदय लगाया गया था। हिन्दू व्यक्ति को अपस्ताल ने ब्रेन डेड घोषित कर दिया था जिसके बाद उनका अंगदान किया गया। इस ऑपरेशन के लिए लगे पैसों को भी भारत में ही इकट्ठा किया गया था। इसमें लगभग ₹30 से ₹40 लाख का खर्च आया। आएशा को अब अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। बताया गया कि आएशा का इलाज इस अपस्ताल से 2019 से ही चल रहा था।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

पश्चिम बंगाल में 2010 के बाद जारी हुए हैं जितने भी OBC सर्टिफिकेट, सभी को कलकत्ता हाई कोर्ट ने कर दिया रद्द : ममता...

कलकत्ता हाई कोर्ट ने बुधवार 22 मई 2024 को पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार को बड़ा झटका दिया। हाईकोर्ट ने 2010 के बाद से अब तक जारी किए गए करीब 5 लाख ओबीसी सर्टिफिकेट रद्द कर दिए हैं।

महाभारत, चाणक्य, मराठा, संत तिरुवल्लुवर… सबसे सीखेगी भारतीय सेना, प्राचीन ज्ञान से समृद्ध होगा भारत का रक्षा क्षेत्र: जानिए क्या है ‘प्रोजेक्ट उद्भव’

न सिर्फ वेदों-पुराणों, बल्कि कामंदकीय नीतिसार और तमिल संत तिरुवल्लुवर के तिरुक्कुरल का भी अध्ययन किया जाएगा। भारतीय जवान सीखेंगे रणनीतियाँ।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -