Friday, June 21, 2024
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‘माँ और बच्चे की कामुकता’ पर पोस्ट कर जनआक्रोश भड़काने वाली महिला ने ‘बीडीएसएम वर्कशॉप’ का ऐलान कर छेड़ा नया विवाद

यह पहली बार नहीं है जब बरनवाल सोशल मीडिया यूजर्स के निशाने पर आई हों। इससे पहले उनकी एक फेसबुक पोस्ट का स्क्रीनशॉट इंटरनेट पर वायरल हुआ था, जिसमें उन्हें 'mother and child sexuality' पर बेहद विवादित टिप्पणी करते देखा जा सकता था।

सेक्स एजुकेटर (Intimacy coach) पल्लवी बरनवाल ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर एक विवादित पोस्ट शेयर कर हलचल मचा दी है। दरअसल, वह जल्द ही ‘बीडीएसएम फॉर बिगिनर्स’ पर एक वर्कशॉप आयोजित करने वाली हैं। बीडीएसएम ‘bondage and discipline, dominance and submission, sadism and masochism’ अर्थात ‘बंधन और अनुशासन, प्रभुत्व और अधीनता, प्रताड़ना और पुरुषवाद’ का संक्षिप्त रूप है। एक यौन जीवन शैली जहाँ एक साथी प्रभुत्व की भूमिका निभाता है और दूसरा अधीनता की।

बीडीएसएम में आमतौर पर प्रताड़ना और दो पाटर्नर के बीच ‘मालिक-गुलाम’ का संबंध शामिल होता है। पल्लवी बरनवाल का दावा है वह उन लोगों के लिए एक वर्कशॉप आयोजित करेंगी, जो ऐसा करके अपनी जीवन शैली बेहतर बनाना चाहते हैं।

फोटो : ट्विटर

सोशल मीडिया पर वर्कशॉप का पोस्टर शेयर करके वह लोगों के निशाने पर आ गई हैं। लोगों ने उन्हें ट्रोल करते हुए कहा कि वे sexual degeneracy को क्या मानती हैं। वर्कशॉप को बकवास जोक्स बताते हुए लोगों ने उनके पोस्टर का जमकर मजाक भी उड़ाया।

हालाँकि, यह पहली बार नहीं है जब बरनवाल सोशल मीडिया यूजर्स के निशाने पर आई हों। इससे पहले उनकी एक फेसबुक पोस्ट का स्क्रीनशॉट इंटरनेट पर वायरल हुआ था, जिसमें उन्हें ‘mother and child sexuality’ पर बेहद विवादित टिप्पणी करते देखा जा सकता था।

हमें फेसबुक पर वह पोस्ट नहीं मिली। संभव है कि उसे हटा दिया गया होगा। फिर भी हम इसकी प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं कर सकते। हालाँकि, पिछले कुछ वर्षों में इसे व्यापक रूप से फैलाया गया है। पोस्ट में पल्लवी बरनवाल बाल यौन शोषण के एक पीड़ित की बात करती हैं, जिसका अपनी ही माँ द्वारा यौन शोषण किया गया था।

Source: Reddit

पीड़ित व्यक्ति अपराध, क्योंकि उसकी माँ ने उसे उसके शरीर के अंगों को लेकर कुछ उचित बातें नहीं बताई थीं। यह विवादित हिस्सा पोस्ट के अंत में लिखा गया है, जो कहीं न कहीं दुराचार का समर्थन करता है। उन्होंने लिखा, “मैंने दीपक (असली नाम) को अपराधबोध से दूर रहने के लिए कहा। ऐसा तब होता है जब किसी नेचुरल ड्राइव सेक्स ड्राइव को दबा दिया जाता है। दीपक और उनकी माँ दोनों ही यौन इच्छा दबाने वाली संस्कृति के शिकार हैं, जहाँ सेक्स को व्यक्त नहीं किया जाना चाहिए और न ही इस बारे में बात की जानी चाहिए।”

एक यौन उत्पीड़न करने वाली महिला के लिए उनकी सहानुभूति ने सोशल मीडिया पर लोगों को खासा नाराज कर दिया था। काफी लोगों ने इसके लिए उनकी आलोचना भी की। हालाँकि, ऐसा लगता है कि इससे उनके करियर को कोई नुकसान नहीं पहुँचा है, क्योंकि वह बीडीएसएम पर एक वर्कशॉप के साथ फिर से वापसी कर रही हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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