Monday, July 15, 2024
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‘सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या की जाँच क्यों?’ राजदीप के सवाल पर IPS अधिकारी ने याद दिलाया कानून, सुनते ही पलटे

"सुशांत सिंह राजपूत के परिवार को 'चैन से शोक मनाने' देना चाहिए और साथ ही उनकी आत्मा की शांति को भंग नहीं करना चाहिए। ट्विटर और इंस्टाग्राम में हो-हल्ला के कारण ये सब हो रहा है। सुशांत की आत्महत्या की जाँच करने की क्या आवश्यकता?" - राजदीप सरदेसाई ने यही लिखा।

पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या की जाँच किए जाने पर नाराज़गी जताई है। अपनी ‘गिद्ध पत्रकारिता’ के लिए जाने जाने वाले राजदीप सरदेसाई ने लिखा कि मुंबई पुलिस को सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या की जाँच करने की क्या आवश्यकता है? बता दें कि सब कुछ प्रक्रिया के तहत ही हो रहा था। मृत शरीर के पोस्टमॉर्टम के बाद सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या मामले में मुंबई पुलिस ने जाँच शुरू की लेकिन राजदीप सरदेसाई को ये रास नहीं आया

महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने इस बात की पुष्टि की है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सुशांत सिंह राजपूत के आत्महत्या किए जाने की बात सामने आई है। उन्होंने कहा कि बॉलीवुड में प्रोफेशनल दुश्मनी के कारण उनकी जान लिए जाने के आरोप लग रहे हैं, इसीलिए पुलिस इस एंगल से भी जाँच करेगी। उन्होंने एक वीडियो सन्देश जारी कर ये बात कही। इस पर राजदीप सरदेसाई गुस्से में आ गए और उन्होंने यहाँ तक कह डाला कि जब सरकारें सोशल मीडिया कुछ ज्यादा ही देखती है तो यही सब होता है।

आईपीएस अधिकारी का राजदीप को जवाब

बकौल राजदीप सरदेसाई, पुलिस को अब जाँच नहीं करनी चाहिए और सुशांत सिंह राजपूत के परिवार को ‘चैन से शोक मनाने’ देना चाहिए और साथ ही उनकी आत्मा की शांति को भंग नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि ट्विटर और इंस्टाग्राम में हो-हल्ला के कारण ये सब हो रहा है। इसके बाद वो ‘शुभ रात्रि’ और ‘गुड नाइट’ बोल कर निकल गए। हालाँकि, लोगों ने उनके रवैये पर सवाल उठाया और जम कर खरी-खोटी सुनाई।

पुलिस अधिकारी प्रणव महाजन ने राजदीप को बताया कि इस तरह की हर मौत के बाद जाँच होना एक ऐसी प्रक्रिया है, जो आवश्यक है और यह होना ही चाहिए। उन्होंने राजदीप को समझाया कि क़ानून के अनुसार आत्महत्या से हुई हर मौत के बाद जाँच होनी ही होनी है। राजदीप सरदेसाई को ग़लतफ़हमी थी कि सोशल मीडिया में हंगामा होने के कारण जाँच हो रही है। इस पर लोगों ने कहा कि एक वरिष्ठ पत्रकार को पुलिस की प्रक्रिया के बारे में पता होना चाहिए।

आईपीएस अधिकारी अरुण बोथरा ने भी राजदीप सरदेसाई की जम कर क्लास लगाई। उन्होंने बताया कि सीआरपीसी की धारा 174 के तहत किसी भी अप्राकृतिक मृत्यु के बाद पुलिस को जाँच करनी होती है। ये मैंडेटरी है। उन्होंने पूछा कि भला क़ानून अपनी जिम्मेदारी से कैसे पीछे हट सकता है? आईपीएस अरुण ने राजदीप सरदेसाई को रिप्लाई देते हुए कहा कि सुशांत सिंह राजपूत के परिवार को यह जानने का पूरा हक़ है कि उनकी मौत क्यों और कैसे हुई।

पुलिस अधिकारी ने राजदीप को डपटा

साथ ही उन्होंने पूछा कि क्या पुलिस जाँच न करे और सुशांत सिंह राजपूत का परिवार न्यूज़ एंकरों द्वारा निकाले गए निष्कर्ष को ही मान लें? बाद में राजदीप सरदेसाई ने तुरंत यू-टर्न लिया और कहने लगे कि वो तो जाँच के पक्ष में हैं, जाँच होनी चाहिए लेकिन मंत्री द्वारा पुलिस को बॉलीवुड में दुश्मनी वाले एंगल से जाँच करने का निर्देश देना उन्हें ठीक नहीं लग रहा। इस पर बोथरा ने उन्हें डपटा कि जब सुशांत बॉलीवुड में कार्यरत थे तो स्वाभाविक है कि जाँच में बॉलीवुड का नाम आएगा।

बता दें कि अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या के बाद उनकी भाभी भी सदमे से चल बसीं। बताया जा रहा है कि उनकी भाभी सुशांत की मृत्यु को बर्दाश्त नहीं कर सकीं। वो पहले से ही बीमार चल रही थीं। सुधा देवी की मौत उस समय हुई, जब सुशांत का मुंबई में अंतिम संस्कार चल रहा था। बता दें कि सुशांत सिंह राजपूत का संयुक्त परिवार है। उनके पिता और चचेरे भाई नीरज सिंह बबलू सारी प्रक्रिया पूरी करने मुंबई पहुँचे थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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