Homeसोशल ट्रेंडदीवाली पर पटाखे का सद्गुरु ने किया समर्थन, अनिल कपूर की 'लिबरल बेटी' को...

दीवाली पर पटाखे का सद्गुरु ने किया समर्थन, अनिल कपूर की ‘लिबरल बेटी’ को कंगना ने लताड़ा

''वायु प्रदूषण की चिंता कोई ऐसा कारण नहीं है कि बच्चों को पटाखे फोड़ने की खुशी से वंचित किया जाए। अगर आप उनके लिए कुछ करना चाहते हैं तो तीन दिन पैदल अपने ऑफिस जाएँ और बच्चों को पटाखों का आनंद लेने दें।'

ईशा फाउंडेशन के संस्थापक सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने दिवाली के मौके पर पटाखों पर प्रतिबंध लगाने का विरोध किया है। इसको लेकर बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत ने भी अपनी सहमति जताई है। दरअसल, सद्गुरु ने पटाखे फोड़ने से होने वाले वायु प्रदूषण को कम करने का सिंपल फॉर्मूला दिया है। धार्मिक गुरु ने ट्विटर पर कहा, ”वायु प्रदूषण की चिंता कोई ऐसा कारण नहीं है कि बच्चों को पटाखे फोड़ने की खुशी से वंचित किया जाए। अगर आप उनके लिए कुछ करना चाहते हैं तो तीन दिन पैदल अपने ऑफिस जाएँ और बच्चों को पटाखों का आनंद लेने दें।”

कंगना रनौत ने पटाखों पर बैन लगाने पर अपनी असहमति व्यक्त करते हुए सद्गुरु का एक वीडियो अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज पर साझा किया है। उन्होंने कहा, ”पर्यावरण की रक्षा के लिए लोगों को कुछ दिनों के लिए कारों का इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए।”

कंगना ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज पर लिखा, “सद्गुरु वह व्यक्ति हैं, जिन्होंने लाखों पेड़ लगाने का विश्व रिकॉर्ड बनाया है। दिवाली के मौके पर सभी पर्यावरण को दूषित होने से बचाएँ और तीन दिनों तक अपनी कार का इस्तेमाल न करें। पैदल ही अपने ऑफिस जाएँ।”

साभार: इंस्टाग्राम

वहीं, इस बीच, अभिनेता अनिल कपूर की बेटी और ‘वीरे दी वेडिंग’ की निर्माता रिया कपूर ने दिवाली पर पटाखे फोड़ने की परंपरा पर निराशा व्यक्त ​की है। उन्होंने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज पर लिखा, “पटाखे फोड़ना लापरवाह और गैर जिम्मेदाराना है। इसे करना बंद करो।”

साभार: इंस्टाग्राम

बता दें कि सद्गुरु ने दिवाली के मौके पर सभी को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि इस दिवाली अपनी मानवीयता को पूरे गौरव से रोशन करें। सद्गुरु ने कहा, ”इस दीवाली पर मानवता को अपनी पूरी गरिमा में उजागर कीजिए। प्रेम व आशीर्वाद।”

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -