Sunday, September 1, 2024
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भिंडरावाले को ‘टेररिस्ट’ बताने पर ट्विटर ने अकाउंट लॉक किया, हरभजन सिंह पर भड़का खालिस्तान समर्थक खालसा एड का फाउंडर

"जरा इन ट्रोलों से पूछो कि इन्होंने भारतीय संसद में अपराधियों को लेकर कितनी बार सवाल किया है। अपने इतिहास के लिए माफी मत माँगो। पहले ये तुम पर हमला करेंगे, फिर तुम्हें चुप कराना चाहेंगे।"

नए आईटी नियमों पर टालमटोल कर रहे ट्विटर ने फिर से अपना वामपंथी और हिंदू विरोधी रवैया दिखाया है। एक यूजर का अकाउंट सिर्फ इसलिए बंद कर दिया है, क्योंकि उसने खालिस्तानी दहशतगर्द जरनैल सिंह भिंडरावाले को ‘आतंकवादी’ बताया। वहीं पूर्व टेस्ट क्रिकेटर हरभजन सिंह​ से खालिस्तान समर्थक संगठन ‘खालसा एड’ का संस्थापक रविंदर सिंह उखड़ गया है।

Shivam_h9 नामक हैंडल से किए गए ट्वीट में कहा गया था, “एसजीपीसी और स्वर्ण मंदिर की शीर्ष धार्मिक ईकाई हमेशा से हिंदू विरोधी आतंकवादी (TERROR!ST) भिंडरावाला के समर्थन में खड़ी रही है। बीते चार दशक में खालिस्तानियों ने 80 हजार से ज्यादा हिंदुओं की हत्या की है। हिंदुओं को इस पर गौर करना चाहिए और इन कृतघ्नों से एकतरफा प्रेम बंद करना चाहिए।”

ट्विटर की प्रतिक्रिया का स्क्रीनशॉट

ट्विटर ने तत्काल इस अकाउंट को बंद कर दिया। जब इसे बहाल करने की अपील की गई तो घृणास्पद व्यवहार का हवाला देकर ऐसा करने से इनकार कर दिया गया। यह ट्वीट अकाल तख्त के कार्यवाहक जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह के बयान के जवाब में किया गया था। कार्यवाहक जत्थेदार ने ऑपरेशन ब्लूस्टार की 37वीं बरसी पर स्वर्ण मंदिर में भिंडरावाले के पोस्टर और खालिस्तान के समर्थन में नारेबाजी का बचाव किया था।

ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा था, “यह सिखों पर गहरा घाव है, जो साल भर दर्द देता है। बरसी पर हम ‘खालिस्तान जिंदाबाद’ का नारा लगाकर इस दर्द को कम करते हैं। इसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। यह हमेशा के लिए हमारी स्मृति का हिस्सा रहेगा।” उन्होंने 1984 के ऑपरेशन को लेकर कहा कि भारतीय सेना ने अकाल तख्त पर ऐसे हमला किया जैसे चीन या पाकिस्तान पर युद्ध के दौरान करते हैं।

गौरतलब है कि भिंडरावाले को आतंकवादी कहने से उखड़ा ट्विटर एक खास विचारधारा के लोगों के घृणास्पद ट्वीटों पर आँखें मूँदे रहता है। यहाँ तक कि जब जनवरी में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रोद्यौगिकी मंत्रालय (MET) ने उसे ऐसे 250 ​अकाउंट्स बंद करने को कहे थे तो उन्हें कार्रवाई के कुछ घंटों के भीतर ही दोबारा बहाल कर दिया गया था।

दूसरी तरफ हरभजन सिंह​ ने भिंडरावाले का महिमामंडन करने को लेकर जो माफी माँगी थी उस पर सवाल उठाते हुए ‘खालसा एड’ के संस्थापक रविंदर सिंह ने ट्वीट कर कहा है, “डियर हरभजन सिंह! जरा इन ट्रोलों से पूछो कि इन्होंने भारतीय संसद में अपराधियों को लेकर कितनी बार सवाल किया है। अपने इतिहास के लिए माफी मत माँगो। पहले ये तुम पर हमला करेंगे, फिर तुम्हें चुप कराना चाहेंगे।” रविंदर ने इसके साथ 2019 में सांसद चुने गए लोगों पर आपराधिक मामलों से जुड़ी एक रिपोर्ट भी शेयर की है।

खालसा एड के संस्थापक रविंदर सिंह का ट्वीट, साभार: ट्विटर

हरभजन सिंह ने भिंडरावाले को दी श्रद्धांजलि को व्हाट्सएप फॉरवर्ड बताते हुए कहा है कि हड़बड़ी में बिना समझे शेयर कर दिया था। खुद को देश के लिए लड़ने वाला सिख बताते हुए देशवासियों की भावनाएँ आहत करने के लिए बिना शर्त माफी माँगी थी। हरभजन ने भिंडरावाले को ‘शहीद’ बताते हुए इंस्टाग्राम स्टोरी में उसकी एक तस्वीर साझा कर, ‘प्रणाम शहीदा नू’ लिखा था। इस पर विवाद के बाद उन्होंने ट्विटर के जरिए माफी माँगी और कहा कि वे भारत विरोधी या अपने देशवासियों के खिलाफ किसी भी चीज का समर्थन नहीं करते हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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