साल 1992 में अजमेर में एक ब्लैकमेलिंग कांड का खुलासा हुआ था जिसमें शहर के बड़े-बड़े लोगों के नाम थे। अब उसी घटना पर वेबसीरीज बनी है जो जुलाई में रिलीज होगी
अजमेर की ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती दरगाह के एक खादिम का कन्हैया लाल के हत्यारों से कनेक्शन सामने आया है। सर तन से जुदा के नारे दरगाह के बाहर लगे। अपराधों में खादिमों की संलिप्तता पुरानी।