जाँच में विदेशी फंडिंग का एंगल भी सामने आया है। एटीएस के अनुसार 2 करोड़ रुपए यूनाइटेड किंगडम से आए जिनका उपयोग मुख्य आरोपित उमर गौतम और मुफ्ती कासिम के द्वारा किया गया।
हेरमैन ने बताया कि हमले के पीछे 'इस्लामी कट्टरपंथ’ से इंकार नहीं किया जा सकता, क्योंकि प्रत्यक्षदर्शियों ने आरोपित को 'अल्लाह हू अकबर' चिल्लाते हुए सुना।
महमूद ने यहाँ तक कहा कि उत्तर प्रदेश की सरकार जनसंख्या नियंत्रण की आड़ में मुस्लिमों पर हमला कर रही है तथा जनसंख्या नियंत्रण कानून को मुस्लिमों को ध्यान में रखकर ही लाया जा रहा है।
“यह किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अपने भाईचारे को कायम रखने के लिए इतनी बड़ी कीमत चुकानी पड़े कि लगातार बेटियाँ अगवा हो रही हैं, लगातार उनका जबरन निकाह हो रहा है, धर्म परिवर्तन हो रहा है।"
माइक्रो-ब्लॉगिंग साइट ट्विटर ने कुख्यात कट्टरपंथी इस्लामिक संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के ट्विटर हैंडल को सत्यापित करते हुए ब्लू मार्क दे दिया है।
कहा जाता है कि 1988 में रायसी ने गर्भवती महिलायों को यातना देने, कैदियों को चट्टानों से फेंकने, लोगों को बिजली के तारों से झटका देने और हिंसा से जुड़े अन्य क्रूर आदेश दिए थे।