जो चैतन्य महाप्रभु की भूमि थी, उसे पहले 1946 के नरसंहार के बाद खंडित किया गया और अब भी वहाँ शरिया ही चलाया जा रहा है। सीरिया से लेकर तमिलनाडु तक ऐसे उदाहरण भरे पड़े हैं। मोपला से लेकर चोपरा तक, खून हिन्दुओं का ही बहता है।
"ईद पर ग़दर फिल्म से भी तगड़ा बना देंगे सीन। जिन्होंने भी रोकटोक की, टाँग पर टाँग रख कर देंगे चीर। हिंदुस्तान के कोने-कोने पर अल्लाह-हू-अकबर नारा गूँजेगा।"
पूर्व भाजपा प्रवक्ता नुपूर शर्मा ने द लल्लनटॉप के संपादक सौरभ द्विवेदी के दावे को झूठा बताया है और कहा है कि उनसे हाल में लल्लनटॉप टीम ने संपर्क नहीं किया है।