Sunday, July 14, 2024
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मौलाना ने कहा- ईद पर गाय की कुर्बानी न दें, भड़का मुफ्ती रहमान अजहरी: हिंसक प्रदर्शन की धमकी, असम पुलिस ने किया गिरफ्तार

मौलाना मुस्तफा कमाल ने कहा था कि इस्लाम में कुर्बानी तो अहम है, लेकिन गाय की ही कुर्बानी देनी है, ये जरूरी बिल्कुल भी नहीं है। उनके इस बयान पर असम के कट्टरपंथियों ने उसका विरोध किया था और मौलाना मुस्तफा कमाल की गिरफ्तारी की माँग की थी।

असम पुलिस ने कट्टरपंथी इस्लामिक धर्मगुरु मुफ्ती मुकिबुर रहमान अजहरी को गिरफ्तार किया है। प्रशासन के खिलाफ भड़काऊँ भाषण देने के आरोपों में मंगलवार (2 जुलाई 2024) उसे गिरफ्तार किया गया। असम के डीजीपी जीपी सिंह के निर्देशों पर दराँग जिले की पुलिस ने उसे पकड़ा। मुकिबुर रहमान अजहरी ने सोशल मीडिया पर लखमीपुर पुलिस स्टेशन और एसपी को धमकाते हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों की धमकी दी थी।

मुफ्ती मुकिबुर रहमान अजहरी ने 6 जुलाई को लखीमपुर पुलिस स्टेशन के घेराव की धमकी दी थी और उसकी तैयारियों में जुटा था। यही नहीं, उसने असम में 6 से 10 जुलाई के बीच राज्यव्यापी चक्काजाम और प्रदर्शन की भी धमकी दी थी।

अजहरी ने ये बयान और धमकी मौलाना मुस्तफा कमाल द्वारा ईद के मौके पर उस अपील के बाद दी थी, जिसमें मौलाना कमाल ने मुस्लिमों से ईद के मौके पर गाय की कुर्बानी न देने की अपील की थी। मौलाना मुस्तफा कमाल ने कहा था कि इस्लाम में कुर्बानी तो अहम है, लेकिन गाय की ही कुर्बानी देनी है, ये जरूरी बिल्कुल भी नहीं है। उनके इस बयान पर असम के कट्टरपंथियों ने उसका विरोध किया था और मौलाना मुस्तफा कमाल की गिरफ्तारी की माँग की थी। इसी क्रम में मुफ्ती मुकिबुर रहमान अजहरी ने सोशल मीडिया पर बाकायदा लाइव आकर कहा था कि वो मौलाना मुस्तफा कमाल के घर के साथ ही पुलिस स्टेशन और एसपी ऑफिस का भी घेराव करेगा, जिसमें दम है वो रोक कर दिखाए। ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी हो गया है।

असम के मंत्री पीयूज हजारिका ने मुफ्ति मुकिबुर रहमान के बयान के आलोचना की है। उन्होंने कहा, “ये व्यक्ति खास समुदाय से संबंध रहता है, जो अल्पसंख्यक है। चूँकि ईद पर गाय की कुर्बानी न देने की अपील की गई थी, लेकिन इसकी आड़ में ये व्यक्ति नफरत बढ़ा रहा है और लाइव वीडियो में असम पुलिस को चैलेंज कर रहा है। ये व्यक्ति हिंसा की भी धमकी दे रहा है। असम किधर जा रहा है?”

फेसबुक लाइव सेशन के दौरान मुफ़्ती ने कहा कि वो 6 से 10 जुलाई के बीच लखीमपुर पुलिस स्टेशन और उस “शैतान” (मुस्तफा कमाल) के घर का घेराव करेगा। इस दौरान काफी लोग मेरे साथ रहेंगे। मुकिबुर रहमान अज़हरी ने घोषणा की, “मैं यह जानना चाहता हूँ कि वो आदमी कितना बहादुर है। मुझे आज उत्तर लखीमपुर पुलिस स्टेशन से फोन भी आया था और ये कहा गया कि 6 जुलाई को घेराव जैसा कोई काम न किया जाए, लेकिन मैं उस दिन जरूर आऊँघा.. इंशाअल्लाह।” यही नहीं, उसने कहा कि एसपी और डीसीपी भी उसे फोन करें, तब भी वो घेराव करेगा, मानेगा नहीं।

मुस्तफा कमाल को गाली देते हुए उसने कहा, “मैं फिर भी जाऊँगा इंशाअल्लाह। उस आदमी ने यह खेल शुरू किया है और यह उसका आखिरी खेल है। मैं इस खेल को खत्म कर दूँगा। मैं इस्लाम का प्रचार करने के लिए बहुत मेहनत करता हूँ। अब, आप इस्लाम का अपमान करते हैं? आप रसूल (पैगंबर मुहम्मद) को गाली देते हैं। उन्होंने रसूल को शैतान कहा था। चाहे वे मेरे पैर काट दें या मेरे हाथ तोड़ दें, मैं जाऊँगा। मैं जाऊँगा, चाहे वह कितनी भी पुलिस को बुलाए। मैं 3 से 4 लाख रुपए महीना कमाता हूँ। यह आदमी केवल आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) के जरिए कमाता है। वह मानहानि का मामला दर्ज कर सकता है, लेकिन यह सच है। वह एक बाँग्लादेशी नास्तिक से भी मिला था। वह 100% आरएसएस है।”

अजहरी ने एक बार फिर दोहराया कि उसे थाने में जिहादी आंदोलन करने से कोई नहीं रोक सकता और आरोप लगाया, “इस्लाम और हमारे रसूल का अपमान मेरे लिए असहनीय है। मैं लड़ाई लड़ूँगा और विरोध करूँगा। आप मेरा वीडियो एसपी को दिखा सकते हैं। लेकिन मैं संविधान के अनुसार विरोध करूँगा। मैं बवाल करूँगा बाबा साहब अंबेडकर के संविधान ने हमें हदीस, कुरान, अल्लाह और रसूल पर विश्वास करने की आजादी दी है।”

अजहरी ने मुस्तफा कमाल को धमकी देते हुए कहा कि असम किसी के बाप की जागीर नहीं है। उसने कहा, “अगर आप इस्लाम, कुरान, रसूल या नबी का अपमान करते हैं, तो हम चुप नहीं बैठेंगे। हम चुप नहीं बैठेंगे। असम आपके पिता की जागीर नहीं है। मैं तुम्हारी दिलेरी देखने तुम्हारे शहर आऊँगा और थाने को भी घेर कर रखूँगा।”

सोशल मीडिया पर भड़काऊ वीडियो के लोकप्रिय होने के बाद कानून अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई की और 2 जुलाई को मुफ्ती मुकीबुर रहमान अजहरी को गिरफ्तार कर लिया। धुला पुलिस स्टेशन ने उनके खिलाफ मामला 97/24 दर्ज किया है, जिसे मंगलदोई कोर्ट में पेश किया गया है। किसी भी तरह की और गड़बड़ी को रोकने के प्रयास में अधिकारी भी स्थिति पर कड़ी नजर रख रहे हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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