भीमा-कोरेगॉंव हिंसा के आरोपितों की जमानत याचिका हाल ही में खारिज की गई थी। एनसीपी नेता का कहना है कि इस मामले में पिछली सरकार ने फर्जी मामले दर्ज किए थे। उन्होंने आरे मेट्रो मामले की तरह इससे जुड़े केस भी बंद करने को कहा है।
सुप्रिया सुले की पार्टी NCP ने 2019 के लोकसभा चुनावों के दौरान, राफ़ेल फाइटर जेट्स की ख़रीद में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए पीएम मोदी और अनिल अंबानी पर निशाना साधा था। वहीं, दूसरी तरफ आज उन्हीं अनिल अंबानी के साथ पार्टी कर रही हैं!
कॉन्ग्रेस की तरफ से भी उपमुख्यमंत्री पद की माँग। कॉन्ग्रेस के बालासाहेब थोराट राज्य के नए उप मुख्यमंत्री हो सकते हैं। उधर अजित पवार भी मुँह फुलाए बैठे हैं। NCP अपने हाथ से डिप्टी CM पद जाने नहीं देना चाहती। उद्धव ठाकरे के फ्लोर टेस्ट से पहले महा-ड्रामा!
बाल ठाकरे की गिरफ़्तारी से मुंबई में माहौल गर्माने के साथ-साथ सियासी समीकरण भी बिगड़े थे। तब शिवसेना प्रमुख के ख़िलाफ़ व्यक्तिगत प्रतिशोध के रूप में भुजबल को ही दोषी ठहराया गया था। बाल ठाकरे की गिरफ़्तारी शिवसेना के लिए एक भावनात्मक मुद्दा रहा है। पार्टी बार-बार इस घटना के लिए एनसीपी से माफ़ी की माँग करती रही लेकिन अब...
संजय राउत ने शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' के सम्पादकीय में कहा था कि जो भी गोडसे से नफरत करते हैं, वह ज़रूर इशरत से मोहब्बत करते हैं। सामना के सम्पादकीय में लिखा था कि गोडसे के स्मारक की जगह क्या इशरत का स्मारक बनाया जाए?
महाराष्ट्र में महा विकास अघाड़ी का न्यूनतम साझा कार्यक्रम आ गया है। इसमें मौजूद एक प्रावधान स्तब्ध कर देने वाला है। कॉमन मिनिमम प्रोग्राम में स्थानीय लोगों के लिए महाराष्ट्र की 80 प्रतिशत नौकरियों को आरक्षित करने के लिए कानून बनाने की बात कही गई है। 4 पन्नों के दस्तावेज़ में...
भाजपा को गच्चा देने के बाद अजित पवार अपनी पार्टी में लौट भी गए हैं और ससम्मान स्वीकार भी हो गए हैं। मौजूदा खबरों में भी उनके डिप्टी सीएम बनाए जाने की बात सामने आ रही है।
उद्धव ने इस दौरान आक्रामक रुख अख्तियार करते हुए कहा कि शिवसेना क्या चीज है, अब पता चलेगा। उन्होंने एनसीपी के साथ गठजोड़ को सही बताते हुए यहाँ तक कह दिया कि उनका गठबंधन अगले 30 सालों तक चलेगा। विधायकों को निष्ठावान रहने की शपथ भी दिलाई गई।
एनसीपी ने उन्हें विधायक दल का नेता पद से तो हटा दिया है लेकिन पार्टी से नहीं निकाला है। जयंत पाटिल, छगन भुजबन और वलसे पाटिल सहित कई नेताओं ने अजित के साथ बैठक कर उन्हें मनाने की कोशिश की। अजित पवार ने क्या जवाब दिया, यहाँ जानिए।