"हमने केन्द्र के दिशानिर्देशों के अनुरूप ही ढील दी है। मुझे लगता है कि कहीं कुछ गलतफहमी है जिसके कारण केन्द्र ने स्पष्टीकरण देने को कहा है। एक बार हम जवाब दे दें तो फिर सब ठीक हो जाएगा।"
ये सब बोर्ड के अधिकारियों की मौजूदगी में किया जाएगा। दिक्कत ये है कि इससे भक्तों की भावनाएँ आहत होंगी क्योंकि उनके द्वारा दान की गई चीजों के बदले में सोना लेकर उसे रिजर्व बैंक में डाल दिया जाएगा और श्रद्धालुओं को पता ही नहीं चलेगा कि उन्होंने जो चीजें दान दी हैं, वो कहाँ हैं और किस हालत में हैं।