आंध्र प्रदेश में मंदिरों पर बढ़ते हमले के बाद मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी निशाने पर हैं। चंद्रबाबू नायडू ने उन पर हिंदुओं से विश्वासघात का आरोप लगाया है।
इसी तरह प्रदेश के पूर्वी गोदावरी इलाके में अंतर्वेदी एक तीर्थस्थल है। वहाँ कुछ समय पहले एक 62 साल पुरानी श्रीलक्ष्मी नरसिम्हा की मूर्ति को जलाकर राख करने का मामला सामने आया था।
विधान परिषद में यह विधेयक पास होने के बाद देश के इतिहास में यह पहला राज्य होगा, जहाँ की तीन-तीन राजधानी होगी। इससे पहले अब तक महाराष्ट्र और हिमाचल प्रदेश की दो राजधानी होती रही है।
"CM ने अपने घर की खिड़कियों के लिए 73 लाख रुपए के ख़र्चे को मंज़ूरी दी है! यह सरकारी खजाने की क़ीमत पर किया जा रहा है। यह ऐसे समय पर किया जा रहा है जब पिछले 5 महीनों से राज्य की जनता राजकोषीय गड़बड़ी से जूझ रही है।"
“चंद्रबाबू यदि आप पार्टी में मेरे जैसे लोगों को नहीं चाहते हैं, तो आप मुझे बता सकते हैं। मैं संसद सदस्य के रूप में और पार्टी की सदस्यता दोनों से इस्तीफा दे दूँगा। अगर आप चाहते हैं कि मेरे जैसे लोग बने रहें, तो कृपया अपने पालतू कुत्ते को नियंत्रित करें।”
राज्य सरकार द्वारा अमरावती में नायडू के आवास और चित्तूर जिले में उनके मूल स्थान नरवरिपल्ले में सुरक्षा वापस ले ली गई है। उनके परिवार के सदस्यों के लिए सुरक्षा भी हाल ही में वापस ले लिया गया था और उनके बेटे नारा लोकेश को सुरक्षा के लिए सिर्फ दो कांस्टेबल दिए गए हैं।
आंध्र प्रदेश ने जब अपना प्रशासन हैदराबाद से अमरावती शिफ्ट किया था, तभी से चंद्रबाबू नायडू कृष्णा नदी के किनारे उंदावल्ली स्थित इस आवास में रह रहे थे। उस दौरान सरकार ने आंध्र प्रदेश राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण के जरिए प्रजा वेदिका का निर्माण तत्कालीन मुख्यमंत्री के आवास के रूप में किया था, जिसमें 5 करोड़ का खर्चा आया था।